सांदीपनि विद्यालय मझौली व्यवस्था देखने पहुंचे एसडीम, कांट्रेक्शन कर्मचारी एवं प्राचार्य को दिए कड़े निर्देश।
सांदीपनि विद्यालय मझौली व्यवस्था देखने पहुंचे एसडीम, कांट्रेक्शन कर्मचारी एवं प्राचार्य को दिए कड़े निर्देश।
विद्यालय भवन एवं बायपास रोड निर्माण कार्य बच्चों के भविष्य एवं स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए बना हुआ है अभिशाप।
*अरविंद सिंह परिहार सीधी/मझौली*
कांट्रेक्शन कंपनी के कर्मचारियों द्वारा मनमानी पूर्वक कार्य करते हुए विगत तीन-चार वर्षो से बच्चों के शैक्षणिक व्यवस्था एवं आवागमन में बाधा उत्पन्न किया जा रहा है इससे न केवल बच्चे परेशान हैं बल्कि विद्यालय प्रबंधन भी परेशान हैरान देखा जा रहा है। जहां से बच्चों का आवा-गमन होता है वहीं से कहीं रोड खोद दी जाती है कहीं रोड में मटेरियल डंप कर दिया जाता है तथा उसी रास्ते से वाहनों के द्वारा मुरूम मिट्टी धुलाई का कार्य किया जा रहा है जिससे आवा गवन वाले मार्ग में काफी कीचड़ उत्पन्न हो रहा है वहीं रोड जाम होने के कारण बसे भी स्कूल तक नहीं पहुंच पाती। अभी 26 सितंबर दिन शनिवार को ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई की बच्चों को पहाड़ियों के बीच से गुजरने की नैमत आ गई। कीचड़ से स्कूली बच्चे सरोबार हो गए। इस समस्या की जानकारी अभिभावकों द्वारा वीडियो फोटो भेज एसडीएम मझौली आकाश अग्रवाल को दी गई जिसका जायजा लेने एसडीम बारिश के समय ही पहुंच गए। जिसका जायजा लेते हुए समस्या को देख खुद हैरान रह गए। तथा कंट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों व विद्यालय प्राचार्य को अलग-अलग बुलाकर बच्चों के गुणवत्ता युक्त शिक्षा तथा सुरक्षा- व्यवस्था को लेकर फटकार लगाते हुए कड़े निर्देश जारी किए। कंट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन का वचन देते हुए दो-तीन दिन में समुचित सुगम रास्ता बच्चों के आने जाने के लिए उपलब्ध कराने का वादा किया गया है।

बताते चलें कि क्षेत्रीय विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम गुणवत्ता युक्त शिक्षा एवं अतिक्रमण ग्रसित मझौली बाजार की समस्या से लोगों को निजात दिलाने कई करोड़ों की लागत से सर्व सुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय भवन मझौली एवं लगभग 6.30 करोड़ लागत से डेढ़
किलोमीटर बायपास रोड की स्वीकृत वर्ष 2023 में दिला भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ कराया गया था। लेकिन ठेकेदार कर्मचारियों की मनमानी एवं हठधर्मीयता तथा विभागीय निष्क्रियता से स्कूली बच्चों व क्षेत्रवासियों को परेशान हैरान कर रखा है।
लगभग तीन-चार वर्षो से चालू किये गए दोनों कार्य अत्यंत मंद गति से मनमानी पूर्वक किये जा रहे है जिससे मॉडल एवं सांदीपनि विद्यालय के बच्चों के साथ विद्यालय प्रबंधन भी परेशान हैरान देखा जा रहा है। जो अपनी पीड़ा व्यक्त करने में न जाने किस कारण से कैमरे के सामने नहीं आ रहे लेकिन समस्या समाधान के लिए खुद आशा और उम्मीद लगाए हुए हैं। तीन -चार वर्षों से टीना- चद्दर में टपरे में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के लिए
विधायक के फटकार एवं प्रयास से वर्षों पूर्व कंप्लीट हुए 15 से 20 कमरे भले ही चाहे शैक्षणिक व्यवस्था के लिए वैकल्पिक रूप से दे दिया गया हो लेकिन तत्काल ही आने- जाने वाला रास्ता दोनों तरफ से अपने कब्जे में ले लिया गया है। विद्यालय समय में ही खुदाई -पत्थर फोडाई एवं मुरुम -मिट्टी की डुलाई दर्जन भर ट्रैक्टरों से किया जाता है यहां तक की बच्चों के आते- जाते समय भी वाहनों का संचालन जारी रखा जाता है जिससे एक ओर शोर-गुल से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है वही सुरक्षा व्यवस्था पर भी बडा सवाल खड़ा हो रहा है।

5 सितंबर को नवीन भवन में जैसे ही कक्षाओं का संचालन चालू किया गया वैसे ही संविदाकार के कर्मचारियों द्वारा बच्चों के आने-जाने वाला मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया उसी रास्ते से मिट्टी खुदाई एवं डुलाई चालू कर दी गई। उसी रास्ते से वाहनों के आने जाने एवं वर्षा के कारण अत्यंत कीचड़ भी उत्पन्न हो रहा है। आज 26 सितंबर को संविदाकार के कर्मचारियों द्वारा बीच रास्ते में ईटा एवं डेस्ट डंप कर रास्ता भी अवरुद्ध कर दिया गया जिससे विद्यालय वाहन विद्यालय तक नहीं पहुंच सके। विद्यालय पहुंचने के लिए बच्चों को कीचड़ की बैतन्नी पार कर व पहाड़ियों के रास्ते विद्यालय पहुंचना पड़ा। जिस समस्या से अभिभावकों द्वारा एसडीएम मझौली को अवगत कराया गया। जिस समस्या को दृष्टिगत रखते हुए वर्षा के समय ही एसडीएम मझौली स्थल पर पहुंच जायजा लिए तथा संविदाकार के कर्मचारी एवं सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य को कड़े निर्देश दिए हैं कि बच्चों के भविष्य एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए बच्चों के आने जाने वाला रास्ता शुव्यवस्थित रहे। शोर सरावा वाला काम विद्यालय संचालन के पूर्व किया जाए। एसडीएम के कड़े रुख को देखते हुए संविदाकार के उपस्थित जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा दो-तीन दिन में शुव्यवस्थित रास्ता दिए जाने का वादा किया गया है। तथा निर्देशों के पालन करने का भी वचन दिया गया है। अब देखना होगा कि किया गया वादा पूर्ण किया जाता है या की पूर्व की तरह बस वादा बन कर ही रह जाता है।