मुआवजे से मिली राहत, कार्यवाही से बढ़ा भरोसा: पटाखा फैक्टरी हादसे के पीड़ित परिवारों ने सरकार और पुलिस प्रशासन को सराहा
News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
कौशाम्बी: प्रयागराज-कौशाम्बी बॉर्डर के मोहम्मदपुर गांव में हुए भीषण पटाखा फैक्टरी विस्फोट ने कई परिवारों को गहरे सदमे में पहुंचा दिया।अपनों को खोने का दर्द परिवारों की आंखों में साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में सरकार की ओर से मिली आर्थिक सहायता और पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने पीड़ित परिवारों को कुछ राहत दी है। मृतकों के परिजनों ने सरकार की मदद और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में प्रशासन उनके साथ खड़ा नजर आया।
‘दर्द की भरपाई नहीं, लेकिन मदद से मिली हिम्मत’
हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों का कहना है कि किसी अपने को खोने के दर्द की भरपाई किसी भी आर्थिक सहायता से नहीं हो सकती। हालांकि सरकार की ओर से मिली मदद ने परिवारों को इस कठिन समय में संभलने का सहारा जरूर दिया है। परिजनों ने सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार का आभार जताया।

पुलिस की कार्यवाही से अवैध कारोबारियों में गया सख्त संदेश
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को भी परिजनों ने सराहा। मुख्य आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और उसके आलीशान बंगले को ढहाए जाने से लोगों में यह संदेश गया कि अवैध पटाखा कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिवारों ने दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
मुश्किल वक्त में प्रशासन ने संभाला मोर्चा
विस्फोट के बाद राहत-बचाव से लेकर शवों की पहचान, पोस्टमार्टम और घायलों के इलाज तक प्रशासनिक अमला लगातार सक्रिय रहा। घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम भी जारी रहा, ताकि हादसे में लापता लोगों या उनके अवशेषों की तलाश की जा सके। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन की इस सक्रियता की प्रशंसा की।

परिजनों ने कहा- दोषियों को मिले कड़ी सजा
मृतकों के परिवारों ने सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति लोगों की जान जोखिम में डालकर अवैध कारोबार करने की हिम्मत न कर सके।
हादसे ने छोड़ा गहरा जख्म, कार्यवाही ने जगाया भरोसा
मोहम्मदपुर का यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गया है। बावजूद इसके, सरकार की सहायता और पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई ने पीड़ित परिवारों के बीच व्यवस्था को लेकर भरोसा कायम करने का काम किया है। परिजनों की एक ही मांग है—मदद के साथ दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो, जो अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ मिसाल बने।
