मझौली के जनप्रतिनिध सम्मेलन में अव्यवस्था नहीं मिला जनप्रतिनिधियों को स्थान, कुर्सियों पर विराजमान रहे अधिकारी कर्मचारी व नेता। बाहर भटकते रहे जनप्रतिनिधि।
मझौली के जनप्रतिनिध सम्मेलन में अव्यवस्था नहीं मिला जनप्रतिनिधियों को स्थान, कुर्सियों पर विराजमान रहे अधिकारी कर्मचारी व नेता। बाहर भटकते रहे जनप्रतिनिधि।
सांसद डॉ राजेश मिश्रा एवं -विधायक कुंवर सिंह ने दी वीबी जी राम जी योजना की जानकारी, योजना को लेकर अधिकारियो व जनप्रतिनिधियों के सिंह हुआ मंथन।
सीधी/मझौली
ग्रामीण विकास को गति देने और शासन की योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से शासन के निर्देशानुसार जनपद पंचायत मझौली में पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मेलन एवं कार्यशाला चंद्रोदय पैलेस, मझौली में आज 1 सितंबर को आयोजित की गई जहां अव्यवस्था का आलम देखा गया। भले ही चाहे अधिकांश जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि, पंचायत कर्मी, अधिकारी- कर्मचारी कुर्सियों विराजमान रहे हो लेकिन दूर दराज से पहुंचे जनप्रतिनिधियों को कुर्सी तक नसीब नहीं हुई। हाल के दरवाजे पर ही जनप्रतिनिधि खड़े रहे और जनपद पंचायत के जिम्मेदार ठीक गेट के सामने कुर्सी पर विराजमान रहे। बाहर घूम रहे जनप्रतिनिधियों द्वारा मीडिया के समक्ष नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया गया कि हम लोगों को पत्र भेजा गया था जिसमें जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन एवं कार्यशाला आयोजित किया जाना उल्लेखित है। लेकिन कुर्सियों पर अधिकारी कर्मचारी,नेता, कार्यकर्ता विराजमान, हम लोगों को बैठने का स्थान नहीं मिल पा रहा है।


कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम एवं जनपद पंचायत मझौली की अध्यक्ष सुनैना सिंह की उपस्थिति में पंचायतों के विकास और वीबी जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के जनप्रतिनिधियों के साथ सचिव, ग्राम रोजगार सहायक सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला में योजना के उद्देश्यों, पंचायत स्तर पर इसकी भूमिका और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता – सांसद
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। शासन की योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उनका लाभ कितनी प्रभावी ढंग से गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे वीबी जी राम जी योजना को केवल योजना के रूप में न देखते हुए इसे ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाएं।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा पात्र परिवारों को योजनाओं की जानकारी एवं लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने से पंचायतों में विकास की गति और तेज होगी।
पंचायतें विकास की आधारभूत इकाई – विधायक
विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि गांवों की आवश्यकताओं को सबसे बेहतर तरीके से पंचायत प्रतिनिधि समझते हैं। इसलिए ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।विधायक ने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के साथ विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के बेहतर तालमेल से योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।


जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर
कार्यशाला में अधिकारियों द्वारा वीबी जी राम जी योजना के प्रावधानों एवं क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी साझा की गई। पंचायत स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और मैदानी स्तर पर आने वाली चुनौतियों के समाधान पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक कुंवर सिंह टेकाम, जनपद अध्यक्ष सुनैना सिंह, जिला पंचायत सदस्य कृष्ण लाल छोटू पयासी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अखिलेश पांडे, मंडल अध्यक्ष मझौली एडवोकेट प्रवीण तिवारी, खडौरा राम सजीवन कचेर,के साथ प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम मझौली आकाश अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली सुरभि श्रीवास्तव, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी,त्रिस्तरीय पंचायत के प्रतिनिधि, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक आदि सामिल रहे।