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रामाकोना ग्राम पंचायत की स्थानापन्न सरपंच बनी ज्योति वासुदेव खंडाइत

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रामाकोना ग्राम पंचायत की स्थानापन्न सरपंच बनी ज्योति वासुदेव खंडाइत

 

ज्योति वासुदेव खंडाइत ने 11 वोटो से की जीत हासिल दूसरी ओर कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 वोटों पर संतोष

 

सौसर:–पांढुर्णा जिले के सौसर विकास खंड की बहुचर्चित और हालिया दिनों में सियासी सरगर्मियों के केंद्र में रही ग्राम पंचायत रामाकोना को आखिरकार नया मुखिया मिल गया है। न्यायालय विहित प्राधिकारी (जिला पंचायत) छिन्दवाडा के प्रकरण कमांक जि.प.2431-89 (19) 24-25 आदेश पारित दिनांक 18.06.2026 के अनुसार ग्राम पंचायत रामाकोना सरपंच पद की आकस्मिक रिक्ती होने के कारण मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 38 (ख) के अंतर्गत स्थानापन्न सरपंच का निर्वाचन की बैठक ग्राम पंचायत, रामाकोना मे स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की कार्यवाही दिनांक 29 जून 2026 को दोपः 12:00 बजे नियत की गई थी।

जिसके अनुसार मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 38 (ख) के अंतर्गत स्थानापन्न सरपंच निर्वाचन की कार्यवाही दिनांक 29.06.2026 को दोपहर 12:00 बजे ग्राम पंचायत भवन रामाकोना मे सम्पन्न कि गई जिसमे अनिल सहारे पंचायत समन्वय अधिकारी (प्रभारी) एंव सुरेश डोंगरे पंचायत समन्वय अधिकारी (सहायक) जनपद पंचायत सौसर . कमलाकर बोबडे सचिव ग्राम पंचायत रामाकोना को अधिकृत किया गया था चुनावी प्रक्रिया में सोमवार को पंचायत भवन में हुए बेहद रोमांचक और कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुए चुनाव में वार्ड न,4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत नई स्थानापन्न सरपंच निर्वाचित घोषित की गईं।

 

रोमांचक रहा मुकाबला, ज्योति बाई खंडाइत को मिले 11 वोट

 

पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामले में जिला पंचायत सीईओ द्वारा पदमुक्त व 6 साल के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यह पद रिक्त हुआ था। नियमानुसार, सोमवार को नए स्थानापन्न सरपंच के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। जिसमे ज्योति वासुदेव खंडाइत ने 11 वोट लेकर स्थानापन्न सरपंच पद पर कब्जा किया। इसी तरह प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। बताया गया कि कोकिला चौधरी उपसरपंच संतोष चौधरी कि उम्मीदवार थी।

हाईकोर्ट की कड़ाई के बाद बदली थी तस्वीर

 

गौरतलब है कि पिछले दिनों सरकारी राशि की हेराफेरी और गबन के मामले में घिरीं पूर्व सरपंच श्वेता गोहेल पर ‘मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम’ की धारा 92 (5) के तहत कार्रवाई की गई थी। हाईकोर्ट की सख्त फटकार और आला अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब करने के बाद प्रशासन ने श्वेता गोहेल को 6 वर्ष के लिए चुनाव लड़ने और किसी भी जनप्रतिनिधि पद पर रहने के लिए अयोग्य ठहरा दिया था।

 

रुके हुए विकास कार्यों को मिलेगी गति:नवनिर्वाचित सरपंच

 

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का समर्थकों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। प्राइम्स टीवी न्यूज संवाददाता राकेश ठाकरे से चर्चा में उन्होंने कहा कि पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना और पारदर्शिता के साथ जनता के हित में काम करना ही उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

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