बेतवा के टूटे बांध पर जिंदगी का जोखिम! स्कूली बच्चों की खतरनाक छलांग पर NHRC सख्त
13 किमी का रास्ता बचाने 1.5 किमी के मौत के सफर पर बच्चे, मानवाधिकार आयोग ने MP सरकार से मांगी रिपोर्ट
बेतवा के टूटे बांध पर जिंदगी का जोखिम! स्कूली बच्चों की खतरनाक छलांग पर NHRC सख्त
13 किमी का रास्ता बचाने 1.5 किमी के मौत के सफर पर बच्चे, मानवाधिकार आयोग ने MP सरकार से मांगी रिपोर्ट
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्कूली बच्चों के बेतवा नदी पर बने क्षतिग्रस्त चेक डैम के खंभों पर छलांग लगाकर नदी पार करने का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मामला विदिशा जिले के पलोह और काकराुआ गांव के पास बेतवा नदी का है। बताया जा रहा है कि सड़क मार्ग से स्कूल पहुंचने में करीब 13 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। दूरी कम करने के लिए करीब 9 स्कूली बच्चे, जिनमें 5 छात्राएं शामिल हैं, क्षतिग्रस्त स्टॉप डैम के खुले पिलरों पर छलांग लगाते हुए नदी पार कर स्कूल आते-जाते हैं।
सुरक्षित रास्ते का अभाव बना बच्चों की मजबूरी
बच्चों का यह जोखिम भरा सफर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। NHRC ने माना है कि बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ते अथवा परिवहन की व्यवस्था का अभाव उनके गरिमापूर्ण शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर मानवाधिकार मुद्दा है।
इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है और प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अब निगाहें सरकार की रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था किए जाने पर टिकी हैं। सवाल यह है कि शिक्षा हासिल करने के लिए बच्चों को आखिर कब तक जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ेगी?