Breaking News in Primes

चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब :-भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा

0 2

चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब :-भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा

———

कांग्रेस अपनी राजनीतिक

असफलताओं का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रही:- जिला अध्यक्ष अमिता चपरा

———

शहडोल। भारतीय जनता पार्टी शहडोल की जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है। राजनीतिक असफलता का ठीकरा कांग्रेस और विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहा है। कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे गए पत्र को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया गया।

चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पत्र किसी नीतिगत विषय अथवा एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक मामला था। चुनाव आयोग को लेकर भ्रम फैलाने पर राहुल गांधी को माफी मांगकर इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब हो गई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक असफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जनता के मन में भ्रम और अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है। लेकिन अब चुनाव आयोग ने स्वयं इस पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति सामने रख दी है। 26 सितम्बर को चुनाव आयोग की बैठक हुई और यह स्पष्ट किया गया कि देश भर में चल रही एसआईआर किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, यह मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है, ऐसे में राहुल गांधी और कांग्रेस किस आधार पर इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जब कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा किसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये गये हों। बल्कि इनके द्वारा लगातार कई बार झूठे, मनगढ़ंत और अनर्गल अगर आरोप लगाकर देश की जनता को भ्रमित करने का काम किया है।

कांग्रेस बताए, क्या उसे सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भरोसा नहीं?

श्रीमती चपरा ने बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक राजनीतिक दल और नेता से अपेक्षा रहती है कि वह अपने मतभेदों और आलोचनाओं को तथ्यों तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं के दायरे में रखे। कांग्रेस बार-बार लोकतंत्र की मर्यादाओं को लांघने का काम कर रही है और चुनाव आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।

कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसे सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है? जब चुनाव आयोग ने अपने निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है, तब भी कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उन्हें लगातार क्यों नकार रही है और इसके लिए उन्हें अपने नेतृत्व, संगठन तथा कार्यप्रणाली में क्या बदलाव करने की आवश्यकता है।

अब जब चुनाव आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। अब समय है कि कांग्रेस और राहुल गांधी भी देश के सामने यह स्पष्ट करें कि वे चुनाव आयोग के सर्वसम्मत निर्णय, न्यायपालिका के निर्णय और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास करते हैं या नहीं। और मैं राहुल गांधी से कहना चाहती हूं । चुनाव जनता के बीच सेवा करने और जनमत से जीते जाते हैं, देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के मन में अविश्वास पैदा करके नहीं। उक्त प्रेस विज्ञप्ति भाजपा जिला मीडिया प्रभारी विनय केवट द्वारा जारी की गई है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!