छिन गया बूढी मां एवं छोटे भाई का सहारा, लाख कोशिश के बाद भी नहीं बची जान, आर्थिक सहायता की मांग।
भाई का आरोप कोरोना वैक्सीन लगने से बिगड़ी तबीयत नहीं मिला समुचित उपचार सुविधा व सहयोग,अंततः हुई मृत्यु।
सीधी/मझौली
नगर परिषद मझौली वार्ड क्रमांक 8 निवासी अरुण कुमार तिवारी के बड़े भाई प्रदीप तिवारी की मृत्यु गम्भीर बीमारी व लंबे उपचार के बाद 22 सितंबर 2026 को हो गई। जिनके मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का मृतक के घर जाना आना बना हुआ है। जो गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुखित परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

मृतक के भाई अरुण तिवारी द्वारा बताया गया कि मेरी मां एवं बड़े भाई मेरे से अलग रहकर जीवन यापन कर रहे थे। मैं रोजी-रोटी के लिए बाहर रहता था। कोरोना काल के समय वैक्सीन लगते ही मेरे भाई की तबीयत बिगड़ी पहले तो हाथ पैर लूज पड़ गए तब मैं बाहर से आकर दावा करने में जुट गया देशभर में कई जगह शासकीय एवं अशासकीय अस्पतालों में दवा कराया लेकिन तबीयत में सुधार नहीं आई एवं कई अन्य रोग उनको जकड़ते चले गए अंतिम दो माह से मैं भाई अरुण तिवारी को जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया हुआ था जहां पर ऑपरेशन तो किया गया लेकिन उपचार सही ढंग से नहीं किया गया जिसको लेकर मेरे द्वारा कई लोगों से सहयोग के लिए आग्रह भी किया गया लेकिन किसी तरफ़ से हमें सहयोग प्राप्त नहीं हुआ और मेरे भाई की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। अस्पताल में मैं अकेला था जब मुझे ऐसा लगा कि अब मेरा भाई नहीं बचेगा तो मैं वहां से छुट्टी लेकर घर आ गया। जहां उनकी मृत्यु लाते ही 22 सितंबर 2026 को हो गई। मैं गरीब परिवार से आता हूं भाई की दवा में आर्थिक स्थिति से अधिक खर्च हो जाने के कारण आर्थिक संकट आ पड़ा है। अकेले होने के कारण मैं मुखाग्नि भी दिया हूं इसलिए कहीं आ जा नहीं सकता क्रिया -कर्म करने के लिए आर्थिक स्थिति की समस्या है शासन- प्रशासन के साथ अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व बड़े प्रतिष्ठित लोगों से सहयोग की अपेक्षा समाचार पत्र के माध्यम से की जा रही है।