लोकेशन धामनोद
संवाददाता मोनु पटेल
112 डायल कर्मचारियों की जान से खिलवाड़? 50 हजार कि,मी से ज्यादा चली गाड़ियों के टायर नहीं बदले
तेज रफ्तार में दौड़कर लोगों की जान बचाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
1 करोड़ से अधिक क़ीमत वाली गाड़ी में नही डल रहे टायर
धामनोद क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही 112 डायल के कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर घटनास्थल तक पहुंचते हैं और लोगों की जान बचाने के लिए तत्पर रहते हैं। कई बार उन्हें तेज रफ्तार में वाहन चलाकर मौके पर पहुंचना पड़ता है। लेकिन इन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
बताया जा रहा है कि कई 112 डायल वाहन 50 हजार किलोमीटर से अधिक चल चुके हैं, बावजूद इसके उनके पुराने टायरों को अब तक बदला नहीं गया है। खराब या घिसे हुए टायरों के साथ तेज रफ्तार में वाहन चलाना कर्मचारियों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
एक ओर 112 डायल कर्मचारी लोगों की जान बचाने के लिए हर समय तत्पर रहते हैं और अपनी जान जोखिम में डालकर घटनास्थल तक पहुंचते हैं, वहीं दूसरी ओर वाहनों के रखरखाव में कथित लापरवाही उनकी जान को खतरे में डाल रही है।
सवाल यह है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों? प्रशासन को तत्काल 112 डायल वाहनों की तकनीकी जांच करवाकर घिसे हुए टायर और अन्य खराब उपकरणों को बदलना चाहिए, ताकि आपातकालीन सेवा में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।