Reserve Bank of India का बड़ा फैसला: NPA नियम होंगे और सख्त, 2027 से लागू होगा नया ECL फ्रेमवर्क
लोन डिफॉल्ट पर पहले ही तैयारी अनिवार्य, बैंकों को तीन चरणों में करना होगा जोखिम आकलन
Reserve Bank of India का बड़ा फैसला: NPA नियम होंगे और सख्त, 2027 से लागू होगा नया ECL फ्रेमवर्क
लोन डिफॉल्ट पर पहले ही तैयारी अनिवार्य, बैंकों को तीन चरणों में करना होगा जोखिम आकलन
देश के बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। Reserve Bank of India (RBI) ने खराब ऋण (NPA) को लेकर नियमों को सख्त करते हुए Expected Credit Loss (ECL) आधारित प्रावधान प्रणाली लागू करने के अंतिम दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह नया ढांचा 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा।
नए नियमों के तहत अब बैंकों को संभावित नुकसान का आकलन पहले से करना होगा और उसी आधार पर पूंजी का प्रावधान रखना पड़ेगा। पहले जहां नुकसान होने के बाद प्रावधान किया जाता था, वहीं अब जोखिम की आशंका पर ही तैयारी जरूरी होगी।
RBI के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य बैंकों की क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट प्रणाली को मजबूत करना और वैश्विक वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों के अनुरूप बनाना है। नए फ्रेमवर्क में 30 दिन तक बकाया लोन को जोखिम संकेत माना जाएगा, जबकि 90 दिन से अधिक बकाया रहने पर वह पहले की तरह NPA श्रेणी में ही आएगा।
इसके अलावा, सभी ऋण खातों को तीन चरणों में वर्गीकृत किया जाएगा—सामान्य, जोखिमयुक्त और गंभीर। हर स्तर पर संभावित नुकसान का अलग-अलग आकलन करना अनिवार्य होगा। साथ ही, यदि किसी ग्राहक का एक बड़ा लोन NPA घोषित होता है, तो उसके अन्य लोन पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
यह बदलाव बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य के वित्तीय जोखिमों को समय रहते नियंत्रित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।