अव्यवस्था : उपार्जन केंद्रों पर बिक रहे पंजीयन, अनाज व्यापारियों का पहुंच रहा गेहूं
रायसेन। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी व्यवस्था में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। बाजार भाव से अधिक समर्थन मूल्य मिलने के कारण अब अनाज व्यापारी भी खरीदी केंद्रों तक पहुंचने लगे हैं। हालात यह हैं कि पंजीकृत किसानों के नाम पर दूसरे क्षेत्रों का अनाज गेहूं उपार्जन केंद्रों में बेचा जा रहा है। इससे वास्तविक किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले का खुलासा बीदपुरा, पैमत कृषक सेवा सहकारी समिति की शिकायत के बाद हुआ है। समिति प्रबंधको ने एसडीएम मनीष शर्मा को पत्र लिखकर बताया कि समिति में पंजीकृत किसानों के अलावा दूरदराज क्षेत्रों के किसान भी इन गेहूं उपार्जन केंद्रों में गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। इससे केंद्र पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई बाहरी किसानों के स्लॉट बुक कराए जा रहे हैं। इससे स्थानीय किसानों को समय पर तुलाई नहीं मिल पा रही। समिति प्रबंधको ने बाहरी किसानों के स्लॉट उनके नजदीकी केंद्रों में स्थानांतरित करने की मांग जिला प्रशासन से की है, ताकि स्थानीय किसानों को राहत मिल सके और व्यवस्थाएं सुचारु रह सकें।
इधर, समर्थन मूल्य अधिक होने के कारण व्यापारियों की सक्रियता भी बढ़ गई है। आरोप है कि कुछ अनाज व्यापारी भी किसानों को लालच देकर उनके पंजीयन खरीद रहे हैं और उन्हीं के नाम से अपना गेहूं उपार्जन केंद्रों में बेच रहे हैं। इससे खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खरीदी केंद्रों में बढ़ रही अनियमितताएं….
उपार्जन केंद्रों में तय मात्रा से अधिक गेहूं की तुलाई किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कर्मचारियों और हम्मालों की कमी के कारण किसानों को स्वयं तुलाई कार्य में हाथ बंटाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर छोटे किसानों के बाद अब बड़े किसानों की उपज पहुंचने लगी है, जिससे केंद्रों पर लंबी लंबी कतारें लग रही हैं।
स्थिति यह है कि सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक कर्मचारियों , हम्मालों को लगातार काम करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते दबाव के कारण कर्मचारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बनने लगी है।
सहकारिता कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एक अध्यक्ष ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस तरह शादी समारोह में मेहमानों की संख्या के अनुसार खाने और बैठने की व्यवस्था बनाई जाती है, उसी प्रकार समितियों में भी पंजीकृत किसानों के अनुसार व्यवस्थाएं बनाई गई थीं। लेकिन बाहरी किसानों द्वारा स्लॉट बुकिंग कराए जाने से पूरा सिस्टम बिगड़ गया है।
उन्होंने कहा कि बाहरी किसानों के कारण स्थानीय किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे खरीदी प्रक्रिया धीमी हो रही है और कई किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने माना गड़बड़ी का मामला…
उधर, जिला प्रशासन ने भी खरीदी केंद्रों में अनियमितताओं की पुष्टि की है। जिला आपूर्ति अधिकारी राजू कातुलकर ने बताया कि हरिभूमि समाचार पत्र में कई खबरें प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में सिद्धि विनायक वेयर हाउस , प्रज्ञा वेयर हाउस रतनपुर एमएल सोनी वेयरहाउस सदालतपुर, किशनपुर के वेयर हाउसो की निर्धारित मात्रा से अधिक अनाज की तुलाई किए जाने की शिकायत सही पाई गई।
इसके बाद सदा लत पुर के खरीदी प्रभारी को बचा लिया लेकिन सहायक प्रभारी नरेंद्र ठाकुर और को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लेकिन फिर भी वह किसके आदेश पर किसानों की उपज तुलाई करवा रहा है। साथ ही किसानों का अनाज चोरी धड़ल्ले से चोरी सीना जोरी के तर्ज पर करवा रहा है।साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू होना चाहिए। सिद्धि विनायक वेयर हाउस बम्होरी के खरीदी केंद्र प्रभारी ज्योति चंद्र नामदेव और श्यामा देवी सोनी वेयर हाउस नकतरा के केसर सिंह नामदेव प्रज्ञा वेयर हाउस के केंद्र प्रभारी कैलाश गौर के खिलाफ किसानों की गेहूं उपज की बानगी और हम्मालों के जरिए दस से पंद्रह किलो गेहूं की हेराफेरी की शिकायतें किसानों से लगातार मिल रही हैं तो सहकारिता फूड विभाग के अधिकारी इनको बचाने में आखिर क्यों जुटे हुए हैं।

इन कारणों से बिगड़ रहे हालात….
नजदीकी केंद्र छोड़कर किसान दूरस्थ केंद्रों में उपज बेचने पहुंच रहे हैं।
किसानों के पंजीयन खरीदकर कुछ अनाज व्यापारी समर्थन मूल्य का लाभ ले रहे हैं।
हम्मालों और कर्मचारियों की कमी से तुलाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
लगातार बढ़ती भीड़ से खरीदीगेहूं खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था बढ़ रही है।
किसानों को खुद अपनी उपज की तुलाई में सहयोग करना पड़ रहा है।
खरीदी व्यवस्था में सामने आ रही गड़बड़ियों ने जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
इनका कहना है…
हां, किसानों द्वारा इन खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था अनाज तुलाई में डंडी मार की शिकायतें मिल रही हैं। जल्द ही केंद्रों का निरीक्षण कर दोषियों पर उचित कार्रवाई कराएंगे। राजू कातुलकर नॉन प्रभारी अधिकारी
गुदावल वेयर हाउस में बारदाना खत्म, तुलाई रुकी: ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बैठे किसान, बारिश से उपज भीगने का डर
रायसेन। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के अंतिम दौर में किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सागर रोड स्थित गुदावल वेयर हाउस में बारदाना खत्म होने से गेहूं तुलाई का काम प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि यहां शुक्रवार से ही बारदाना उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण किसान अपनी उपज लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित खरीदी केंद्र पर घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। खराब मौसम और बारिश की आशंका के बीच किसानों को अपनी उपज भीगने और खराब होने का डर सता रहा है।
किसानों का कहना है कि कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खरीदी केंद्र परिसर और सड़क किनारे खड़ी हैं, लेकिन बारदाना नहीं होने से तुलाई शुरू नहीं हो पा रही है। दिनभर इंतजार के बाद भी जब व्यवस्था नहीं बनी तो किसानों में नाराजगी बढ़ गई। किसानों ने प्रशासन से तत्काल बारदाना उपलब्ध कराकर तुलाई शुरू कराने की मांग की है।
खरीदी केंद्र प्रभारी संतोष साहू और सहायक ओमबाबू चौकसे ने बताया कि बारदाना खत्म होने की जानकारी संबंधित अधिकारियों और नॉन संस्था को पत्र लिखकर दे दी गई है। जल्द ही बारदाना उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है। केंद्र पर अब तक लगभग 37 हजार 910 क्विंटल गेहूं की तुलाई की जा चुकी है।


इधर किसानों ने खरीदी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वेयर हाउसों को भरने के लिए नियम-कायदों को ताक पर रखकर मिट्टी, कंकड़ और कचरा युक्त गेहूं की भी खरीदी की जा रही है। किसानों का कहना है कि गुणवत्ता जांच में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे शासन को नुकसान होने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार गुदावल वेयर हाउस के संचालक पांढुर्णा कलेक्टर नीरज वशिष्ठ बताए जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि वेयर हाउसों को फुल भरने की जल्दबाजी में खरीदी केंद्रों पर गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं तो आने वाले दिनों में किसानों का आक्रोश बढ़ सकता है।
वहीं मौसम विभाग द्वारा मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में खुले में रखी गेहूं की उपज को सुरक्षित रखना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बारदाना उपलब्ध कराने, तुलाई व्यवस्था सुचारू करने और खरीदी केंद्रों पर गुणवत्ता जांच सख्ती से कराने की मांग की है।