Breaking News in Primes

बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने सामूहिक प्रयास जरूरी : राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु

0 64

भोपाल
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आहवान किया कि बेटियों को शिक्षित तथा आत्मनिर्भर बनने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। देश को विकसित बनाने में बेटियों का अहम योगदान रहेगा। बेटियों को शिक्षित तथा आत्मनिर्भर बनाने तथा देश के सर्वांगीण विकास के लिये सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर महिला सशक्तिकरण और आत्म-निर्भरता का उत्तम उदाहरण है। देवी अहिल्याबाई होलकर ने कुशल प्रशासन, न्याय परायणता और कल्याणकारी कार्यों में कई मानक स्थापित किये है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू आज इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के हीरक जयंती समारोह के अवसर पर 14वें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों को स्वर्ण तथा रजत पदक और उपाधियाँ वितरित की।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर ने देश में असाधारण उपलब्धि हासिल की है। इसके लिये इंदौरवासियों को बधाई। उन्होंने कहा कि यह शहर देवी अहिल्याबाई होल्कर के नाम से पहचाना जाता है। इंदौर में विश्वविद्यालय भी देवी अहिल्याबाई के नाम पर स्थापित है। यह हमारे लिये गौरव का समय है, जब हम देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती मना रहे हैं। लोक माता अहिल्याबाई शिक्षा के महत्व को समझती थी। उनके पिता ने भी उस दौर में उन्हें शिक्षा दिलाई जब बालिकाओं को शिक्षा दिलाना बहुत कठिन होता था। समाज के लोग उस वक्त शिक्षा का विरोध करते थे। देवी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन महिला सशक्तिरण का उत्तम उदाहरण है। उन्होंने अपने जीवन और शासन काल में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिये नवीन और सफल प्रयास किये। साथ ही जनजातीय समाज की आजीविका को सुनिश्चित करने के लिये निर्णय लेकर उसे मुर्त रूप दिया और विकास के लिये अनेक महत्वपूर्ण कार्य किये।

राष्ट्रपति ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने कुशल प्रशासन, न्याय परायणता और कल्याणकारी कार्यों में कई मानक स्थापित किये है। उनका जीवन महिलाओं के सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, शैक्षणिक सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव का बेहतर उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने आत्म-विश्वास और दृढ़-संकल्प से कठिनाइयों एवं संघर्ष के दौर में बनाये रास्ते पर आज सुगमता से चला जा रहा है। राष्ट्रपति ने एक विदेशी कवियित्री की कविता का जिक्र करते हुए कहा कि देवी अहिल्याबाई की ख्याति देश ही नहीं विदेश में भी थी। यह हमारे लिये गौरव की बात है। मैं लोक माता देवी अहिल्याबाई की स्मृति को सादर नमन करती हूं। उन्होंने कहा कि यह लोकमाता देवी अहिल्याबाई का ही आर्शीवाद और आदर्शों की प्रति है कि आज के दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक पदक बेटियों ने ही प्राप्त किये है। उन्होंने पदक प्राप्त सभी बेटियों को शुभकामनाएं दी और विश्वास व्यक्त किया कि जीवन की सभी बाधाओं को दूर करते हुए स्वयं ही रास्ता बनाते हुए आगे बढ़ेगी और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेंगी।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि इंदौर की ही श्रीमती सुमित्रा महाजन ने जनसेवा और लोकतंत्र में योगदान देने का अत्यंत प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत किया। श्रीमती मुर्मु ने शैक्षणिक संस्थानों, गुरुजनों और अभिभावकों का आहवान किया कि वे बेटियों को शिक्षित तथा आत्म-निर्भर बनने के लिये प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि भारत 2047 में सबसे विकसित और सबसे आगे रहने वाला देश बनने के लिये तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें बेटियों की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को प्रोत्साहित किया जाये कि वे बड़े सपने देखें, बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे पाने के लिये मेहनत से कार्य करें।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय एक ऐसा प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है जहाँ तीन लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे है। इस विश्वविद्यालय के परिक्षेत्र में अनेक ऐसे जिले आते है जहां अनुसूचित जनजाति के लोग ज्यादा है। इसे मद्देनजर रखते हुए इस विश्वविद्यालय में ट्रायबल स्टडी सेंटर प्रारंभ किया है। यह एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हमें “सबका साथ, सबका विकास एवं सबका प्रयास” का नारा दिया। देश को आगे बढ़ाने के लिये सबका सहयोग एवं सामूहिक विकास जरूरी है। सर्वांगीण विकास के लिये पिछड़ों को भी आगे लाने के लिये सरकार के साथ ही सबका सहयोग भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने नयी शिक्षा नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिये सही पथ का चयन करें। इसके लिये माता-पिता, गुरुजनों और अनुभवी व्यक्तियों का सहयोग ले।

 राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह का आयोजन हम सबके लिए गर्व का विषय है। दीक्षांत समारोह माता-पिता के त्याग-तप, गुरूजनों के आशीर्वाद और विद्यार्थी जीवन के अनुशासन और परिश्रम से प्राप्त सफलता का अविस्मरणीय पल है। उन्होंने सभी मेधावी विद्यार्थियों, गुरुजनों और पालकों को हार्दिक बधाई दी और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि देवी अहिल्या बाई में राजनीतिक, महिला सशक्तिकरण, जनसेवा और देश के धार्मिक एवं आध्यात्मिक उत्थान का जीवंत उत्साह था। विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए यह  गौरव की बात है कि वे लोकमाता के रूप में विख्यात देवी अहिल्या बाई के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे है। 

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!