स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 16 अधिकारियों के तबादले
कई जिलों में नए सहायक संचालक तैनात, जिला शिक्षा अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 16 अधिकारियों के तबादले
कई जिलों में नए सहायक संचालक तैनात, जिला शिक्षा अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
भोपाल, 24 जून। मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कसावट और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 16 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल से जारी आदेश के अनुसार उप संचालक, सहायक संचालक एवं प्राचार्य स्तर के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थलों पर पदस्थ किया गया है।
आदेश के तहत दमोह जिला शिक्षा अधिकारी सुनील नेमा को प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) हटा भेजा गया है। वहीं विभिन्न जिलों में कार्यरत अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयकों और सहायक संचालकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
विभाग ने पूर्व में जारी 18 जून 2026 के कुछ स्थानांतरण आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए ऐश्वर्या मूंदड़ा, सावन पाटीदार, शीलू शर्मा, पूजा जैन और संजय तोमर की नई पदस्थापनाएं भी निर्धारित की हैं।
आदेश के अनुसार क्रमांक 02 से 13 तक के अधिकारियों को उनके नवीन पदस्थापना जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
शिक्षा विभाग में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण, जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
सीहोर, देवास, दमोह, ग्वालियर, राजगढ़ समेत कई जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने व्यापक प्रशासनिक पुनर्संरचना के तहत विभिन्न जिलों में अधिकारियों की नई तैनाती की है। विभाग का उद्देश्य शैक्षणिक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, प्रशासनिक निगरानी और जिला स्तर पर कार्यों में गति लाना बताया जा रहा है।
नई पदस्थापनाओं में दमोह, ग्वालियर, बालाघाट, अशोकनगर, आगर मालवा, सिंगरौली, उमरिया, नीमच, राजगढ़, सीहोर और शहडोल सहित कई जिलों को नए अधिकारी मिले हैं। वहीं कुछ अधिकारियों को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी बढ़ाई गई हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी यह तबादला सूची हाल के दिनों में विभाग की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है, जिसका असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और जिला स्तर के संचालन पर देखने को मिलेगा।

