News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
बीमारी से राहत मिलने के बाद मां दुर्गा के प्रति बढ़ी आस्था, शारदीय नवरात्र में अमहा गांव में बना भक्तिमय माहौल
भरवारी, कौशाम्बी: शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना को लेकर जिले भर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। देवी मंदिरों में जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं कुछ भक्त अपनी अनूठी साधना के जरिए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद भरवारी के वार्ड नंबर आठ स्थित अमहा गांव में इन दिनों एक महिला की कठिन तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है। महिला लोहे की कीलों से बनी शैया पर लेटकर मां दुर्गा की आराधना कर रही हैं। उनकी साधना को देखने और उनके दर्शन करने के लिए आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से शाम तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। शाम होते ही गांव में भक्ति का माहौल बन जाता है और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंज उठता है।
प्रतापगढ़ जनपद के पुन्नेमऊ गांव की रहने वाली फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा पिछले चार वर्षों से इस प्रकार की तपस्या कर रही हैं। इस बार वह अपनी बहन शिमला देवी के घर अमहा गांव आई हैं, जहां उनकी साधना लगातार जारी है। लोहे की कीलों से बनी शैया पर लेटकर तपस्या करने के उनके तरीके को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गांव के लोग उन्हें श्रद्धा की नजर से देखते हैं और सुबह-शाम पूजा-अर्चना कर रहे हैं। नवरात्र के अवसर पर उनकी साधना को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।

बीमारी से परेशान थीं, फिर मां दुर्गा की आराधना में लीन हो गईं
सुदेश्वरी दुर्गा ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले वह गंभीर बीमारी से परेशान थीं। उनके अनुसार, उन्होंने काफी इलाज कराया, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल रही थी। इसी दौरान मां दुर्गा उनके सपने में आईं और उन्हें तपस्या करने के लिए प्रेरित किया। महिला का कहना है कि मां दुर्गा की आराधना शुरू करने के बाद उनकी बीमारी से जुड़ी परेशानियां दूर हो गईं। इसके बाद से ही उन्होंने अपनी साधना जारी रखी है।
महिला की मान्यता और उनके साधना करने के तरीके को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा हो रही है। नवरात्र के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। हालांकि, बीमारी से राहत मिलने और देवी के सपने में आने से जुड़ी बातें महिला की अपनी मान्यताएं हैं।

कीलों की शैया पर लेटने के साथ झूले पर भी करती हैं साधना
सुदेश्वरी दुर्गा की तपस्या का तरीका लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। वह लोहे की कीलों से तैयार शैया पर लेटकर साधना करती हैं। इसके अलावा शाम के समय वह इसी साधना से जुड़े झूले पर भी झूलती हैं। उनके इस कठिन साधना क्रम को देखने के लिए दूर-दराज से भी लोग अमहा गांव पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के बीच उनकी तपस्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कई लोग इसे उनकी अटूट श्रद्धा और आस्था से जोड़कर देखते हैं। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के प्रति भक्ति का यह अनूठा दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
फिलहाल, अमहा गांव में सुदेश्वरी दुर्गा की साधना देखने के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। सुबह-शाम होने वाली पूजा-अर्चना और देवी के जयकारों के बीच गांव में धार्मिक वातावरण बना हुआ है। उनकी चार वर्षों से जारी साधना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।