*भालेराव मैदान में 20 अक्टूबर को होगा भव्य दशहरा उत्सव*
*50 फीट का रावण, 35 फीट का कुंभकरण और 30 फीट के मेघनाथ का होगा दहन; आधुनिक तकनीक से घर बैठे भी देख सकेंगे आयोजन*
*पुतला दहन 8:30 से 9:30 बजे के बिच में होगा*
दैनिक प्राईम संदेश न्यूज़/ जांजगीर-चांपा
चांपा। इस वर्ष के दशहरा उत्सव सम्मेलन में अनुमान लगाया गया है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लोगों की संख्या ज्यादा रहेगी, क्योंकि पिछले वर्ष की आंकड़े के अनुसार 30 से 35 हजार की संख्या मे लोगों की उपस्थिति थी इस वर्ष उम्मीद लगाया जा रहा है कि 40 से 50 हजार की संख्या में लोगों की उपस्थिति होगी।
जिसमें ट्रेफिक की व्यवस्था आने-जाने वालों के लिए पेट्रोल पेट्रोल पंप से लेकर परशुराम चौंक और परशुराम चौंक से लेकर पुराना नायक हास्पिटल होते हुए लायंस चौंक निकालेगी जिसमे 04 गेट रहेगा वापिस दोबारा जानें को उसी रास्ते से वापिस दोबारा नहीं आनें देंगे आप उसी रास्ते से दोबारा वापिस नहीं जा सकते

बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व को लेकर चांपा में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। नगर के भालेराव मैदान में 20 अक्टूबर को भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा इस वर्ष दशहरा उत्सव को और अधिक भव्य, आकर्षक एवं व्यवस्थित स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इस बार आयोजन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है, ताकि जो लोग भीड़ के कारण मैदान तक नहीं पहुंच पाएं या किसी अन्य कारण से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकें, वे यूट्यूब, फेसबुक एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे दशहरा उत्सव का लाइव प्रसारण देख सकेंगे।
आयोजन समिति ने दशहरा उत्सव की तैयारिर्थी को अलग-अलग जिम्मेदारियों में बांटकर काम शुरू कर दिया है। मैदान की व्यवस्था से लेकर मंच, पुतलों के निमाण, जातिशबाजी, सुरक्षा और लाइव प्रसारण तक विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर तैयारी की जा रही है। समिति का प्रयास है कि इस वर्ष चांपा का दशहरा उत्सव नगरवासियों के लिए यादगार बने।
1. भालेराव मैदान में 20 अक्टूबर को मुख्य आयोजन
चांपा के भालेराव मैदान में 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव का मुख्य कार्यक्रम होगा। विजयादशमी के अवसर पर भगवान श्रीराम की विजय और रावण के अंत का प्रतीकात्मक आयोजन किया जाएगा। इसके लिए मैदान में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
आयोजन समिति का कहना है कि दशहरा उत्सव केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म और मर्यादा की विजय का संदेश देने वाला पर्व है। इसी भावना के साथ पूरे आयोजन को धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
2.50 फीट का रावण, 35 फीट कुंभऔर 30 फाट मेघनाथ
इस वर्ष दशहरा उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण विशालकाय पुतले होंगे। आयोजन समिति के अनुसार रावण का पुतला 50 फीट ऊंचा, जबकि कुंभकरण का पुतला 35 फीट और मेघनाथ का पुतला 30 फीट ऊंचा होगा।
इन पुतलों को तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। समिति से जुड़े कारीगर पुतलों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि रावण दहन के समय मैदान में मौजूद दर्शकों को भव्य दृश्य देखने को मिले।
3. आधुनिक तकनीक से होगा आयोजन का लाइव प्रसारण
इस वर्ष चांपा दशहरा उत्सव में तकनीक का भी विशेष इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजन को लाइव प्रसारण के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।

आयोजन समिति के अनुसार कई बार भारी भीड़ के कारण सभी लोग मैदान तक नहीं पहुंच पाते। इसके अलावा कुछ लोग किसी कारणवश बाहर रहते हैं या कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित नहीं हो पाते। ऐसे लोगों के लिए दशहरा उत्सव का लाइव प्रसारण महत्वपूर्ण होगा।
लोग अपने मोबाइल फोन, यूट्यूब, फेसबुक एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से घर बैठे कार्यक्रम देख सकेंगे। इस व्यवस्था से चांपा के दशहरा उत्सव को नगर से बाहर रहने वाले लोग भी देख सकेंगे।
4. दर्शकों की भीड़ को देखते हुए व्यवस्था
दशहरा उत्सव में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस बार भी आयोजन में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए समिति द्वारा दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कार्यक्रम स्थल पर भीड़ को व्यवस्थित रखने, आने-जाने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंधों को लेकर समिति के सदस्य लगातार तैयारी कर रहे हैं। आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
5. आयोजन की तैयारियां जोरों पर
दशहरा उत्सव को लेकर समिति द्वारा सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है। आयोजन से संबंधित विभिन्न कार्यों को अलग-अलग दलों में बांटा गया है, ताकि प्रत्येक व्यवस्था की जिम्मेदारी तय रहे और कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
मंच, पुतले, आतिशबाजी, सजावट, सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और अन्य तैयारियों पर समिति के सदस्य काम कर रहे हैं। आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए मैदान में विशेष सजावट की भी तैयारी की जा रही है।
6. राम दरबार की झांकी बनेगी आकर्षण का केंद्र
दशहरा उत्सव के दौरान भगवान श्रीराम के राम दरबार की झांकी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। झांकी के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
राम दरबार की झांकी के साथ मंच को भी आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी है। मंच की सजावट ऐसी रखने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक वातावरण के साथ कार्यक्रम की भव्यता भी दिखाई दे।
7. आतिशबाजी के साथ होगा भव्य समापन
रावण दहन के साथ आतिशबाजी भी दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी। समिति द्वारा आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए विशेष आतिशबाजी की तैयारी की जा रही है।
रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के दहन के दौरान मैदान में मौजूद लोगों को भव्य दृश्य देखने को मिलेगा। इसके साथ ही विजयादशमी के पर्व का समापन धार्मिक एवं उत्सवी वातावरण में होगा।
8. विशेष अतिथियों की मौजूदगी
आयोजन समिति द्वारा इस वर्ष के दशहरा उत्सव में विशेष अतिथियों को भी आमंत्रित किए जाने की तैयारी की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विशेष अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम को और खास बनाएगी। अतिथियों द्वारा आयोजन में उपस्थित लोगों को संबोधित किया जाएगा तथा दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी जाएंगी।
समिति का प्रयास है कि चांपा के इस पारंपरिक आयोजन को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से और अधिक व्यापक बनाया जाए।
9. व्यवस्था के लिए विशेष दलों को जिम्मेदारी
आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति दवारा कार्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियों में बांटा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी व्यवस्था में कमी न रहे।
पुतला निर्माण, मंच व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्था, आतिशबाजी, सुरक्षा, अतिथि व्यवस्था और अन्य कार्यों के लिए जिम्मेदार लोगों को आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं। समिति के सदस्य कार्यक्रम की तैयारियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
10. सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष जोर
दशहरा उत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कुछ स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने की व्यवस्था की जाएगी।
आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। बाहर से आने वाले आमंत्रित अतिथियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाएगा। समिति का प्रयास है कि दर्शक बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम का आनंद ले सकें।
11. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का भी ध्यान
दशहरा उत्सव में परिवार सहित बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी व्यवस्थाएं करने की तैयारी है। भीड के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
समिति ने लोगों से भी अपील की है कि वे आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और व्यवस्था में सहयोग करें।
12. दशहरा केवल रावण दहन नहीं, बुराई पर विजय का संदेश
आयोजन समिति का कहना है कि दशहरा केवल रावण के पुतले को जलाने का पर्व नहीं है। यह मनुष्य के भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह और अन्य बुराइयों पर विजय प्राप्त करने का संदेश देता है।
भगवान श्रीराम ने सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते हुए रावण का अंत किया था। इसलिए विजयादशमी हमें यह संदेश देती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों न आएं, व्यक्ति को सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
13. घर बैठे भी देख सकेंगे चांपा का दशहरा
इस वर्ष की सबसे खास व्यवस्था डिजिटल लाइव प्रसारण की होगी। भालेराव मैदान में होने वाले आयोजन को यूट्यूब और फेसबुक सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव किए जाने की तैयारी है।
इससे चांपा से बाहर रहने वाले लोग भी अपने शहर के दशहरा उत्सव से जुड़ सकेंगे। वहीं नगर के ऐसे लोग जो भीड़ के कारण मैदान तक नहीं पहुंचना चाहते, वे भी अपने मोबाइल पर कार्यक्रम देख सकेंगे।
14. नगरवासियों में उत्साह
दशहरा उत्सव की तैयारियां शुरू होने के साथ ही नगरवासियों में भी उत्साह का माहौल है। विशाल रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले, राम दरबार की झांकी, आकर्षक मंच, आतिशबाजी और लाइव प्रसारण इस वर्ष के आयोजन को खास बनाने जा रहे हैं।
आयोजन समिति का लक्ष्य है कि 20 अक्टूबर का दशहरा उत्सव चांपा के लिए एक भव्य और यादगार आयोजन बने।
15. समिति ने लोगों से की अपील
आयोजन समिति ने नगरवासियों से परिवार सहित दशहरा उत्सव में शामिल होने की अपील की है। समिति ने कहा कि विजयादशमी का यह पर्व सभी को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
20 अक्टूबर को भालेराव मैदान में जब 50 फीट ऊंचे रावण, 35 फीट के कुंभकरण और 30 फीट के मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा, तब हजारों लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। वहीं जो लोग मैदान तक नहीं पहुंच पाएंगे, वे आधुनिक तकनीक के माध्यम से घर बैठे चांपा के दशहरा उत्सव का लाइव प्रसारण देख सकेंगे। इस तरह परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम इस वर्ष के दशहरा उत्सव को और खास बनाने जा रहा है।
