*मन भी बीमार होता है, चुप्पी तोड़ें और समय पर सहायता लें*
*मन जागृति अभियान के तहत करीब 55 पुलिसकर्मियों को तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक*
दैनिक प्राईम संदेश कोरिया छत्तीसगढ़ अजीमुद्दीन अंसारी
*कोरिया, 13 अक्टूबर 2026/* विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अवसर पर मन जागृति अभियान के तहत कोरिया पुलिस विभाग के कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला मानसिक स्वास्थ्य टीम ने पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में करीब 55 पुलिसकर्मी शामिल हुए।

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशरफ अंसारी तथा जिला नोडल अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य, डॉ. कार्तिकेय सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अपनी भावनाओं और परेशानियों पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित किया।
*तनाव के कारण पहचानें, दिनचर्या में बनाएं संतुलन*
चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डॉ. सुमन कुमार ने कार्यस्थल पर मानसिक दबाव, चिंता और तनाव के कारणों तथा उनके प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने सकारात्मक सोच विकसित करने, नियमित दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त नींद लेने और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि मोबाइल का अनियंत्रित उपयोग एकाग्रता, नींद, समय प्रबंधन, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आपसी संवाद को प्रभावित कर सकता है। मानसिक परेशानी होने पर उसे मन में दबाकर रखने के बजाय परिवार, दोस्तों अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से साझा करना चाहिए।
*टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की दी जानकारी*
मनोचिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता पुलेंद्र मोहले ने भारत सरकार की टेली-मानस सेवा के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि मानसिक तनाव, चिंता और भावनात्मक परेशानियों के समय टोल फ्री नंबर 14416 पर संपर्क कर चौबीसों घंटे निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है। प्रतिभागियों से अपने परिवार और परिचितों को भी इस सुविधा के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम में खुली परिचर्चा के दौरान पुलिसकर्मियों ने मानसिक दबाव, चिंता, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और नशामुक्ति से संबंधित प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए।

*पुलिसकर्मियों ने किया तनाव कम करने का अभ्यास*
डॉ. सुमन कुमार ने प्रतिभागियों को जैकबसन प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन यानी जेपीएमआर का अभ्यास कराया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने मांसपेशियों को क्रमशः तनाव देने और शिथिल करने की प्रक्रिया सीखी। प्रतिभागियों ने अभ्यास के बाद तनाव में कमी और सहजता महसूस होने की बात कही।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत सिंह ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से नींद या भूख में परेशानी हो अथवा मन उदास रहे, तो वह अकेले परेशानी सहने के बजाय जिला अस्पताल के परामर्श केंद्र पहुंचे या 14416 पर संपर्क करे। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और उपचार की सुविधा निःशुल्क तथा गोपनीय है। युवाओं से सोशल मीडिया का उपयोग सीमित करने, खेलकूद के लिए समय निकालने और परिवार के साथ संवाद बढ़ाने का भी आग्रह किया गया
आयोजन को सफल बनाने में पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार राठौर का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। साथ ही कार्यक्रम में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक उपस्थित रहे।