सांसद- विधायक व प्रतिनिधियों पर भारी पड़ रहे संविदाकार व विभाग?
अत्यंत मंद गति से गुणवत्ता विहीन किया जा रहा मझौली बाईपास रोड़ का निर्माण कार्य।
सीधी/मझौली
जिले के मझौली उपखंड क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद मझौली में अतिक्रमण ग्रसित मझौली मार्केट की रोड में जाम की समस्या को निजात दिलाने क्षेत्र वासियों के मांग पर क्षेत्रीय विधायक द्वारा बायपास रोड की जिसकी लंबाई लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर व लागत राशि लगभग 6 करोड़ रुपए समय सीमा 18 महीने बताई जा रही है। पीडब्ल्यूडी विभाग के टेंडर प्रक्रिया से वर्ष 2023 के शुरुआती दौर में भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ कराये थे।तभी से अत्यंत मंद गति से घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है। लोगों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को तो छोड़िए ऐसा लग रहा है कि संविदाकार व विभाग क्षेत्रीय सांसद विधायक पर भी भारी पड़ रहे हैं। संविदाकार के मनमानी व हठधर्मितता तथा विभाग के निष्क्रियता के आगे सभी की सक्रियता धरी की धरी दिखी जा रही है!
बताते चलें कि बायपास रोड निर्माण कार्य 27फरवरी 2023 को विधायक द्वारा भूमि पूजन किया जाकर कार्य प्रारंभ कराया गया लेकिन विगत तीन वर्षों तक में दो-तीन पुल बनवा व रोड में मिट्टी, मुरूम डाल उसी को उलटी -पलटी किया जाता रहा। ठेकेदार की यह मनमानी एवं हठधर्मियता व विभाग की निष्क्रियता लोगों के साथ स्कूली बच्चों को तबाह कर रखी है एक ओर जहां क्षेत्र वासियों को धूल ,डेस्ट की घूंट पीनी पड़ रही थी वही स्कूली बच्चों को कीचड़ व धूल, डेस्ट की बेतनी पार कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा था। समस्या से अवगत कराते हुए 16 सितंबर 2024 को मझौली नगर क्षेत्र में भाजपा नेता राजेश सिंह रज्जे के घर सदस्यता अभियान के दौरान पहुंचे सीधी सांसद डॉक्टर राजेश मिश्रा एवं क्षेत्रीय विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम से व्हाइट बयान लिया गया था जहां पर सीधी सांसद डॉक्टर राजेश मिश्रा द्वारा साफ तौर पर कहा गया था कि 2025 के बरसात के पहले इस रोड का डामरीकरण हो जाएगा चाहे क्यों ना संविदाकार बदलना पड़े। अक्टूबर 2025 में नगर अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता के न्यायालय द्वारा चुनाव शून्य घोषित होने पर शासन द्वारा वार्ड क्रमांक 6 के वार्ड पार्षद पूर्व जिला मंत्री भाजपा लवकेश सिंह को अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया तब भाजपा मंडल अध्यक्ष मझौली एडवोकेट प्रवीण तिवारी व नगर अध्यक्ष लवकेश सिंह को समस्याओं से अवगत कराया गया।तब सांसद,विधायक के सहयोग से ऐसा प्रयत्न जारी किया गया कि देर साम के समय में तत्कालीन प्रभारी एसडीओ श्रीवास्तव व संविदाकार को पहुंच काम चालू करना पड़ा इसी एक माह में काम में प्रगति देखने को मिली।लेकिन जैसे ही उच्च न्यायालय के आदेश पर पुनः शंकर लाल गुप्ता कुर्सी पर विराजमान हुए और पीडब्ल्यूडी विभाग उपसभाग मझौली के एसडीओ की कमान पुनः स्तुति गौतम के सौंप दी गई संविदाकार पुनः पुरानी डगर अपना रखे हैं।
खबर प्रशासन व विधायक के डांट फटकार से जेसीबी एवं मिक्सर मशीन के साथ 4-6 लेबर ,ड्राइवर साइड में रख दिए गए हैं जो नेता मंत्रियों के आगमन के समय नाम चार के लिए कार्य शुरू कर देते हैं।
*पुल निर्माण में घटिया क्वालिटी के पदार्थ का उपयोग*
वर्तमान समय में रोड में हृयूम पाइपकन्वर्ट एवं स्लेप कन्वर्ट पुलिया का निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसमें बिना बेस डाले हृयूम पाइप डाल यहां तक की जो पुरानी हृयूम पाइप डाली गई थी उन्ही के दोनों ओर हृयूम पाइप लगाकर अत्यधिक मात्रा में राखड़ एवं 10 एम एम गिट्टी का घटिया मटेरियल रात्रि के समय में डाला जा रहा है। वही रोड में हार्ड शोल्डर की जगह मिट्टी एवं मुरम डाला गया है जो हल्की बारिश में बह रहा है। जिससे दुर्घटना की संभावना बनी हुई है।
*नहीं लगाया गया अभी तक सूचना बोर्ड*
काम चालू हुए 4 वर्ष पूरे हो गए हैं अभी तक एस्टीमेट व संरचना का सूचना बोर्ड लगाया जाना उचित नहीं समझ गया है। समस्या को देखते हुए भूमि स्वामियों द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त किये बिना किसी रोक ठोक के कार्य में सहयोग कर जल्द से जल्द रोड कम्लीट करने की मांग की जा रही है। लेकिन विभाग के अधिकारियों -कर्मचारियों एवं संविदाकार के दलालों के द्वारा लोगों को भ्रम में डाले जाने की भी बात सामने आ रही है। कहीं कहां जा रहा है कि रोड में स्टे लग गया है, कहीं नए सिरे से कार्य किया जाने का अफवाह फैलाया जा रहा है। इस तरह से जानकारी छिपा काम करना लोगों को भ्रमित कर रखा है। ऐसे में अब देखना होगा कि जिला प्रशासन क्या कुछ कवायत करता है?
*नदारत रहते हैं जिम्मेदार लेबर कर रहे काम*
बात करें कार्य के जिम्मेदार विभाग पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों कर्मचारियों व ठेकेदार के तो यह साइड में कभी नहीं रहते। एसडीओ तो बात ही छोड़िए विभाग के भी उपयंत्री नदारत रहते हैं ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विभाग के सह पर ही घटिया निर्माण काम किया जा रहा है।संविदाकार का भी कोई जवाबदारी आदमी जिससे ेव्हाइट बयान लिया जा सके।
मात्र चार-पांच लेबर और दो तीन मशीनरी देखी जा रही है दो नाम चार के लिए काम जारी रखें।उपयंत्री श्री श्रीवास्तव के व्हाट्सएप पर फोटो वीडियो भेज अवगत कराया गया था लेकिन एक हफ्ते से अधिक का समय बीत गया अभी तक अभी तक कोई जवाब नहीं आ पाया है।
*प्राइम टीवी वेव पोर्टल व प्राइम संदेश दैनिक समाचार पत्र के लिए संभागीय ब्यूरो रीवा अरविंद सिंह परिहार के साथ स्थानीय संवाददाता एवं रिपोर्टर की रिपोर्ट।*