**विवाह वर्षगांठ पर अनूठी मिसाल: राजू मर्सकोले ने अग्नि पीड़ितों को दी आर्थिक सहायता**
ब्यूरो रिपोर्ट दीपक कुमार बडौदे 8718000562
**भीमपुर।** सामाजिक सरोकार और अपनी विशिष्ट कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले समाजसेवी **श्री राजू मर्सकोले** ने अपनी विवाह की पांचवीं वर्षगांठ एक अनूठे और प्रेरणादायक अंदाज में मनाई। इस अवसर पर उन्हों
ने खुशियों को केवल परिवार तक सीमित न रखते हुए, मोहदा बर्राढाना के अग्नि पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने का प्रयास किया।
### **संकट की घड़ी में बढ़ाया मदद का हाथ**
हाल ही में मोहदा बर्राढाना में हुई आगजनी की घटना से कई परिवार प्रभावित हुए थे। उनकी पीड़ा को समझते हुए श्री राजू मर्सकोले ने अपनी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर **5,000 रुपये की नकद सहायता राशि** भेंट की। सहायता प्रदान करते हुए उन्होंने कहा, *”विपत्ति के समय में एक-दूसरे का हाथ थामना ही सच्ची मानवता है। हम सभी को सामर्थ्य अनुसार आर्थिक सहयोग करना चाहिए ताकि प्रभावित परिवार पुनः अपना जीवन सामान्य रूप से व्यतीत कर सकें।”*
### **संस्कृति और समाज के प्रति अटूट समर्पण**
श्री राजू मर्सकोले अपने सामाजिक विचारों और समरसता की भावना के लिए क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बने रहते हैं। वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार **आदिवासी संस्कृति, रीति-रिवाज और सभ्यता** के संरक्षण का संदेश देते रहे हैं। उनका मानना है कि आदिवासी समाज की असली पहचान उनकी संस्कृति में निहित है, जिसे संजोकर रखना आने वाली पीढ़ी के लिए अनिवार्य है।
### **जयस संगठन ने दी बधाई**
राजू मर्सकोले और उनकी धर्मपत्नी **श्रीमती पूनम मर्सकोले** को विवाह की पांचवीं वर्षगांठ पर **जयस संगठन भीमपुर** सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने प्रार्थना की है कि प्रकृति शक्ति ‘पड़ापेन’ का आशीर्वाद उन पर सदैव बना रहे।
> **”आदिवासी समाज को अपनी जड़ों, गौरवशाली रीति-रिवाजों और सभ्यता को कभी नहीं भूलना चाहिए। हमारी संस्कृति ही हमारी शक्ति है।”**
— *श्री राजू मर्स
कोले*
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