“`*MP में सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी,दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था ठप*“`
दिवाली से पहले सफाईकर्मियों के काम बंद करने से मध्य प्रदेश के कई शहरों में कचरा जमा होने की स्थिति बन गई है। यूनियन का दावा है कि प्रदेश के 16 नगरीय निकायों और 374 नगर परिषदों के एक लाख से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं।मध्य प्रदेश में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब शहरों की सफाई व्यवस्था पर दिखने लगा है। दरअसल भोपाल समेत कई शहरों में बुधवार को कचरा नहीं उठा और गुरुवार को भी घरों से डोर-टू-डोर कलेक्शन नहीं होगा। भोपाल में 10 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी हड़ताल में शामिल हैं। यहां कचरा उठाने वाली 400 से ज्यादा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। कर्मचारी सैलरी बढ़ाने, स्थायी नौकरी और दूसरी मांगें पूरी होने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।
दरअसल बुधवार को कई जगह सफाई का काम नहीं हुआ। गुरुवार को घरों से कचरा लेने वाली गाड़ियां भी नहीं पहुंचेंगी। भोपाल में इस हड़ताल का असर खास तौर पर डोर-टू-डोर कलेक्शन पर पड़ा है।

*भोपाल में 10 हजार से ज्यादा सफाईकर्मियों की हड़ताल*
भोपाल में 10 हजार से ज्यादा सफाईकर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से कचरा उठाने का काम रुक गया है। शहर में कलेक्शन के लिए चलने वाली 400 से ज्यादा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। बुधवार को न्यू मार्केट सहित कई बाजारों में व्यापारियों ने वॉलिंटियर्स की मदद से सफाई कराई। व्यापारियों ने सफाईकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है।
*भोपाल में रोज निकलता है 850 टन कचरा*
दरअसल भोपाल में रोज करीब 850 टन कचरा निकलता है। घरों से कचरा उठाने के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां लगाई गई हैं। हर गाड़ी दिन में दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा जमा किया जाता है। इसके बाद कैप्सूल टैंकरों के जरिए इसे आदमपुर छावनी भेजा जाता है। हड़ताल के कारण इस पूरी व्यवस्था पर असर पड़ा है। घरों से कचरा लेने वाली गाड़ियां खड़ी हैं वहीं सड़कों की सफाई का काम भी बंद है। ऐसे में घरों और बाजारों से निकलने वाला कचरा उठ नहीं पा रहा है। दिवाली से पहले बाजारों में खरीदारी और लोगों की आवाजाही बढ़ने के बीच सफाई का काम रुकने से शहर के सामने अतिरिक्त चुनौती खड़ी हो गई है। बुधवार को न्यू मार्केट समेत कुछ बाजारों में व्यापारियों ने खुद वॉलिंटियर्स की मदद से सफाई कराई। व्यापारियों का कहना है कि सफाईकर्मियों की मांगों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और जल्द समाधान निकालना चाहिए। गुरुवार को भी बाजारों में इसी तरह सफाई कराने की बात कही गई है।
*सैलरी बढ़ाने और स्थायी करने समेत चार मांगों पर अड़े कर्मचारी*
वहीं अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक यूनियन के पदाधिकारियों ने मिलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है। कर्मचारियों की चार मांगें हैं। इनमें सैलरी बढ़ाना और कर्मचारियों को स्थायी करना शामिल है। यूनियन ने कहा है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल खत्म कराने के लिए यूनियन पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के ACS संजय दुबे से मुलाकात की थी। हालांकि बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद कर्मचारियों ने काम पर वापस नहीं लौटने और हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। यूनियन का दावा है कि प्रदेश के अलग-अलग नगरीय निकायों और नगर परिषदों के एक लाख से ज्यादा कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं।

*जहांगीराबाद चौराहे पर दो घंटे तक प्रदर्शन*
वहीं हड़ताल शुरू होने से पहले मंगलवार को भी भोपाल में सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन किया था। कर्मचारी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे। उनके मुताबिक ज्ञापन लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना बनाई। पुलिस ने जहांगीराबाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके विरोध में कर्मचारी करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहे, जिससे वहां जाम की स्थिति बन गई। बाद में समझाइश के बाद उन्होंने जाम खत्म कर दिया, लेकिन शाहजहांनी पार्क में धरना जारी रखा।
*प्राइमस संदेश से शेरिल रश्मि साल्वी की रिपोर्ट*