News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
राम कलेवा की पारंपरिक रस्मों के साथ कैकेयी-मंथरा संवाद का भी हुआ मंचन, विवाहोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
भरवारी/कौशाम्बी: श्री रामलीला कमेटी मेला, पुरानी बाजार भरवारी के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव में रविवार, 1 नवंबर को श्रीराम विवाह महोत्सव की धूम रही। रामलीला मंच पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और जनकनंदिनी माता सीता के पावन विवाह का भव्य एवं मनोहारी मंचन किया गया। विवाहोत्सव के दौरान वैदिक परंपराओं, मांगलिक रस्मों और धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को त्रेतायुगीन विवाह की झलक देखने को मिलेगी।
श्रीराम विवाह महोत्सव को लेकर रामलीला परिसर में विशेष उत्साह का माहौल है। भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंचन के दौरान विवाह की पारंपरिक रस्मों, मंगल गीतों और उत्सवी वातावरण के जरिए जनकपुर में सजे विवाह समारोह की सुंदर प्रस्तुति की गयी। श्रीराम और माता सीता के विवाह का प्रसंग रामायण के सबसे पावन और भावपूर्ण प्रसंगों में से एक है, जो प्रेम, त्याग, मर्यादा और आदर्श दांपत्य जीवन का संदेश देता है।

विवाह महोत्सव के बाद राम कलेवा की लीला का मंचन हुआ, जिसमें विवाह के उपरांत होने वाली पारंपरिक रस्मों और मांगलिक उत्सव को दर्शाया जाएगा। वहीं, अगले महत्वपूर्ण प्रसंग में कैकेयी-मंथरा संवाद का मंचन किया गया। इसमें मंथरा द्वारा रानी कैकेयी को भरत के राजतिलक के लिए प्रेरित करने और भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास दिलाने के लिए उकसाने का प्रसंग प्रस्तुत हुआ। यही घटनाक्रम आगे चलकर रामायण की कथा में वनवास प्रसंग की आधारभूमि तैयार करता है।

मेला अध्यक्ष संतोष केसरवानी एवं मेला संयोजक नीरज बनारसी ने बताया कि दशहरा महोत्सव के अंतर्गत रामायण के प्रमुख प्रसंगों का पारंपरिक और आकर्षक मंचन कराया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से श्रीराम विवाह महोत्सव में पहुंचकर भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाहोत्सव के साक्षी बनने तथा रामलीला का आनंद लेने की अपील की है।
जय श्रीराम के जयघोष और विवाह के मंगल गीतों से आज रामलीला परिसर भक्तिमय होने की उम्मीद है।