राष्ट्रीय एकता दिवस पर बच्चों ने शहीद स्मारक तक लगाई दौड़, एकता और देशभक्ति का दिया संदेश
घोड़ाडोंगरी। भारत के प्रथम गृहमंत्री एवं लौह पुरुष स्वर्गीय सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के
रूप में मनाए जाने के अवसर पर नगर में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के बालक-बालिकाओं ने शहीद स्मारक तक दौड़ लगाकर राष्ट्रीय एकता का परिचय दिया। दौड़ में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी बच्चे अनुशासन के साथ कतार में दौड़े और देशभक्ति के नारों से पूरे नगर का वातावरण गूंज उठा।
सामाजिक कार्यकर्ता और युवा प्रकोष्ठ प्रभारी हेमंत साहू ने बताया कि यह दौड़ हम सब के लिए एकता की निशानी है। उन्होंने कहा कि हम एक रहें, अखंड रहें, यही सरदार पटेल का संदेश था। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले समय में विश्व गुरु बनेगा और यही बालक भविष्य में भारत के भाग्यविधाता बनेंगे। इसलिए बच्चों में बचपन से ही एकता, अनुशासन, देशप्रेम और संस्कार का भाव जगाना बहुत जरूरी है।

दौड़ का समापन शहीद स्मारक पर हुआ। वहां सभी बालक-बालिकाओं ने देश के लिए शहीद हुए वीरों, नगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की रक्षा में अपनी जान देने वाले शहीदों को नमन किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान बच्चों ने शहीदों के बलिदान को याद किया और देश के लिए हमेशा तैयार रहने का संकल्प लिया।
शहीद स्मारक परिसर में जय हिंद और वंदे मातरम के नारों से पूरा प्रांगण गूंज उठा। बच्चों की देशभक्ति देखकर उपस्थित लोगों का मन भी गर्व से भर गया। अनेक अभिभावकों और नगरवासियों ने भी इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में राष्ट्र के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना पैदा करते हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल दौड़ लगाना नहीं था, बल्कि बच्चों को यह समझाना था कि एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। सरदार पटेल ने अलग-अलग रियासतों को जोड़कर एक अखंड भारत बनाया था। आज की युवा पीढ़ी को भी जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर देश की एकता को मजबूत करना है।
अंत में सभी बच्चों ने एकता की शपथ ली और संकल्प लिया कि वे पढ़ाई में आगे बढ़कर, अच्छे संस्कार अपनाकर और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर देश के निर्माण में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम ने घोड़ाडोंगरी में राष्ट्रीय एकता दिवस को एक सार्थक और यादगार अवसर बना दिया।