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एकता के वृक्ष को सद्भावना से सीचें : तृप्ति महाजन

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*झिरन्या। खरगोन*

 

*संवाददाता दिलीप बामनिया*

 

एकता के वृक्ष को सद्भावना से सीचें : तृप्ति महाजन

 

राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल के योगदान का स्मरण, लघु फिल्म के माध्यम से दिया एकता का संदेश

 

झिरन्या। “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश में एकता रूपी वृक्ष लगाया, जिसे देशभक्तों ने अपने रक्त से सींचकर विशाल बनाया। आज हमारा दायित्व है कि हम इस वृक्ष की जड़ों में सद्भावना, सामाजिक समरसता और परस्पर विश्वास का जल डालकर इसे सींचें। वहीं, कुछ लोग अलगाववाद का एसिड डालकर इस एकता को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। हमें ऐसे प्रयासों के प्रति सजग रहकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत बनाना होगा।” उक्त विचार शिक्षण एवं कौशल विकास विशेषज्ञ तथा कार्यक्रम की मुख्य अतिथि तृप्ति महाजन ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शासकीय महाविद्यालय झिरन्या में व्यक्त किए।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि उच्च माध्यमिक शिक्षक श्री अशोक जायसवाल ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश के सामने विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में संगठित करने की अत्यंत चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी थी। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, असाधारण नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक दूरदर्शिता से इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने रियासतों के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाकर भारतीय इतिहास में अमिट स्थान बनाया।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अनारसिंह डावर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण किसी एक व्यक्ति या वर्ग का कार्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यत्र-तत्र बिखरे फूलों को एकत्रित कर सुंदर माला बनाई जाती है, उसी प्रकार विभिन्न धर्मों, पंथों, जातियों और समुदायों के लोगों के सामूहिक योगदान से राष्ट्र का निर्माण होता है। भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। हमें परस्पर भेदभाव से ऊपर उठकर सहयोग, सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को अपने आचरण में उतारना होगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्त्व को रेखांकित करने वाली एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीण मालवीया ने किया तथा आभार डॉ. अंजू चौहान ने माना। इस अवसर पर सुश्री रिंकू भार्वे, बेबी तबस्सुम मालिक, विक्रम खरते, राम कन्नौजे, धनसिंह मासरे, झिनला कन्नौजे सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

*झिरन्या। संवाददाता दिलीप बामनिया*

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