*शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धमकाने के बहुचर्चित मामले में कोर्ट ने दी बड़ी राहत
डिप्टी सीटीआई व्यदारकेश अय्यर आरोपो दोषमुक्त*
*प्राइमस संदेश से शेरिल रश्मि साल्वी*
रतलाम, 31अक्टूबर (प्राइमस संदेश)। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल में पदस्थ डिप्टी सीटीआई व्यदारकेश अय्यर को कोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धमकाने के गंभीर आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। न्यायाधीश बरखा दिनकर की अदालत ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और प्रतिपरीक्षण के दौरान उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार 23 फरवरी 2021 को एक महिला ने रतलाम के स्टेशन रोड थाने में शून्य पर एफआईआर दर्ज कराई थी कि डिप्टी सीटीआई व्यदारकेश अय्यर ने शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया और धमकी दी। इसके आधार पर जीआरपी थाना रतलाम में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। इसके बाद अय्यर ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ से अग्रिम जमानत प्राप्त की थी।

*सुनवाई के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य*
कोर्ट में विचारण के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित कुमार पांचाल ने दस्तावेज प्रस्तुत किए और गवाहों का प्रतिपरीक्षण किया। सुनवाई में यह बात सामने आई कि महिला द्वारा वर्ष 2018 में भी अय्यर के खिलाफ शिकायत की गई थी। एफआईआर में कथित घटना की तारीख 20 दिसंबर 2020 बताई गई, जबकि शिकायत करीब दो महीने बाद 23 फरवरी 2021 को दर्ज कराई गई।बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि संबंधित महिला पहले से विवाहित थी, उसका पति जीवित था और दोनों के बीच कोई कानूनी तलाक नहीं हुआ था। साथ ही व्हाट्सएप चैट के जरिए धमकियां दिए जाने के तथ्य भी प्रस्तुत किए गए।

*घटना के दिन रतलाम में मौजूदगी पर उठे सवाल*
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जिस तारीख को घटना होना बताया गया, उस दिन अय्यर रतलाम में मौजूद ही नहीं थे। इसके अलावा एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए कि किस प्रकार पहले जीआरपी थाने से स्टेशन रोड थाना और फिर शून्य पर एफआईआर दर्ज कर मामला वापस जीआरपी भेजा गया था। प्रकरण के समस्त तथ्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने मामले को संदेहास्पद मानते हुए अभियोजन पक्ष के आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया। कोर्ट ने डिप्टी सीटीआई व्यदारकेश अय्यर को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है, जिससे लगभग पांच साल से चल रहे इस मामले में उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिली है।
*रतलाम से प्राइमस संदेश जिला न्यूज ब्यूरो प्रमुख शेरिल रश्मि साल्वी की रिपोर्ट*