नवरात्रि पर कन्या पूजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, 21 बालिकाओं ने रोपे पौधे, 4 साल तक देखभाल का लिया संकल्प
नवरात्रि पर कन्या पूजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, 21 बालिकाओं ने रोपे पौधे, 4 साल तक देखभाल का लिया संकल्प*
घोड़ाडोंगरी, अखिल विश्व गायत्री परिवार घोड़ाडोंगरी समन्वय समिति के तत्वावधान में मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल पीपरी घोड़ाडोंगरी में नवरात्रि के पावन पर्व पर संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला, जो पूरे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और गायत्री मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर किया गया। इसके पश्चात विद्यालय की कक्षा 9वीं की 21 बालिकाओं का विधि-विधान से कन्या पूजन कर तिलक लगाकर, सम्मान किया गया। नवरात्रि में नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में इन कन्याओं को गायत्री परिवार की ओर से एक-एक पौधे के साथ-साथ छात्रोपयोगी साहित्य प्रसाद स्वरूप भेंट किया गया।
*बालिकाओं ने ली 4 साल तक पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी*

गायत्री परिवार की यह विशेष पहल सबसे काबिले-तारीफ रही। केवल पौधे बाँटने तक सीमित न रहते हुए, उन्हीं 21 बालिकाओं के हाथों विद्यालय परिसर में पौधरोपण करवाया गया। हर बालिका ने अपने नाम का पौधा लगाया और अगले 4 साल तक, जब तक वे इस विद्यालय में हैं, उसकी देखभाल, पानी देने और संरक्षण करने का संकल्प लिया।
यह दृश्य बालक-बालिकाओं के लिए गजब की प्रेरणा बन गया। उपस्थित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने देखा कि कैसे छोटी-छोटी हाथों ने धरती में जीवन बोया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में बचपन से ही प्रकृति से जुड़ाव, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव जगाना है।
*प्राचार्य का सहयोग और अतिथियों के प्रेरक विचार*
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य सहित सभी शिक्षक शिक्षिकाओ ,स्टाफ का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। उन्होंने न केवल परिसर में पौधरोपण के लिए स्थान उपलब्ध कराया, बल्कि स्वयं आगे आकर गायत्री परिवार की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि “पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना सच्ची साधना है और हमारी ये बेटियाँ इस साधना को पूरा करेंगी।”

जिला समन्वयक श्री रविशंकर पारखे एवं तहसील समन्वयक डॉ. मनोज पाटणकर ने सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण रक्षा का संकल्प दिलवाया और बताया कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवन रक्षा की आवश्यकता है।
गायत्री परिवार के वरिष्ठ श्री सुनील शर्मा ने बताया गायत्री परिवार द्वारा किया जा रहा यह कार्य समाज के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।
कार्यक्रम में फौजी संतोष उईके द्वारा अतिरिक्त पांच पौधे का पौधारोपण भी साथ में किया गया
*नगर वासियों और युवाओं ने किया स्वागत*
यह आयोजन पूरे घोड़ाडोंगरी नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। नगरवासियों, अभिभावकों और युवा वर्ग ने इस सकारात्मक पहल का हृदय से स्वागत किया है। सभी का कहना है कि नवरात्रि पर कन्या पूजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का ऐसा समन्वय पहली बार देखने को मिला है, जो आने वाले समय में अन्य संस्थाओं के लिए भी एक मिसाल बनेगा।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि कन्या पूजन केवल परंपरा नहीं, बल्कि सृजन, संस्कार और संरक्षण का प्रतीक है।

इस अवसर पर रविशंकर पारखें, मनोज पाटणकर, श्री सुनील शर्मा, दशरथ गीद, खेमराज पवार, अनुराग अग्रवाल, राहत पवार, राघव अग्रवाल, नैतिक नामदेव, लकी माखीजा,नितिन अग्रवाल, कन्नू यादव, युवा प्रकोष्ठ प्रभारी हेमंत साहू सहित फ़ौजी संतोष उइके, प्राचार्य, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, सहायक कर्मचारी एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे