शिक्षकों के अटैचमेंट से चरमराह रही शिक्षा व्यवस्था* *प्राथमिक शाला गार पठार के मामले से सामने आई शिक्षा व्यवस्था की बदहाली*
*शिक्षकों के अटैचमेंट से चरमराह रही शिक्षा व्यवस्था*
*प्राथमिक शाला गार पठार के मामले से सामने आई शिक्षा व्यवस्था की बदहाली*
ललित छत्रपाल/भैंसदेही :- विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था पर तब प्रश्न चिन्ह खड़े हुए जब एक शिकायती पत्र सामने आया जिसमें शासकीय प्राथमिक शाला गारपठार में वर्षों से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसा नहीं उक्त शाला में कोई नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं है , परंतु शिकायत के आधार पर दो शिक्षकों द्वारा अपना अटैचमेंट करवा रखा है, जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है , और ग्रामीणों ने भैंसदेही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अजित मेरावी को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि प्राथमिक शाला गार पठार विकासखंड भैंसदेही के दो शिक्षक लंबे समय से अटैचमेंट पर हैं, जिससे स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जिस मामले ने शासन प्रशासन के उन सभी आदेशों और दावों पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए जो अटैचमेंट की व्यवस्था को समाप्त करने के लिए कई बार सार्वजिक हो चुके है।
*वेतन स्कूल से नौकरी कही और*
ग्रामीणों के आवेदन के अनुसार विद्यालय में स्वीकृत तीन शिक्षकों के पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल एक शिक्षक ही बच्चों को पढ़ा रहा है। आवेदन में बताया गया है कि शिक्षक राजू इवने वर्ष 2010 से अटैचमेंट पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब 12 वर्षों से शिक्षक को वापस विद्यालय लाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक वे शासकीय प्राथमिक शाला गारपठार नहीं लौटे।
दूसरे शिक्षक संजय सूर्यवंशी भी वर्ष 2016 से अटैचमेंट पर हैं और लगभग 10 वर्षों से विद्यालय में सेवाएं नहीं दे रहे हैं। सवाल यह उठता है कि ऐसे और कितने शिक्षक होंगे जो अपने मूल पदस्थापना पर कार्यरत न होकर अन्य स्थान पर सेवा दे रहे है , और इन कर्मचारियों को आखिर शिक्षा विभाग क्यों मेहरबान है ,
*एक शिक्षक के भरोसे चल रही पूरी शाला*
ग्रामीणों के अनुसार सत्र 2025-26 में विद्यालय में 94 विद्यार्थी दर्ज हैं, जबकि आगामी सत्र 2026-27 में 86 विद्यार्थियों का नामांकन है। इसके बावजूद पूरे विद्यालय का संचालन एक ही शिक्षक के भरोसे किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
*बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को आवेदन देने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि वर्षों से अटैचमेंट समाप्त नहीं होने के कारण आदिवासी क्षेत्र के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों का इस ओर ध्यान नहीं है, सरकार ने जिन बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की गई थी उस व्यवस्था पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है , अब सवाल यह उठ रहा की यह शिक्षक कहा पदस्थ है, संकुल किस आधार पर इन शिक्षकों को वेतन प्रदान करवा रहे है , जब यह अपने मूल पदस्थापना पर वर्षों से नहीं है।
*ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग*
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों शिक्षकों का अटैचमेंट तत्काल समाप्त कर उन्हें शासकीय प्राथमिक शाला गारपठार में पदस्थ किया जाए, ताकि विद्यालय में नियमित शिक्षण व्यवस्था बहाल हो सके और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।