नीलामी की बाजार पाने वर्ष भर से ब्लॉक व जिले के कार्यालयों चक्कर लगा रहा बोलींदार। नियम कानून को दरकिनार करते हुए नीलामी प्रक्रिया उलझा, पंचायत कर्मी एवं अधिकारी डकार बाजार बैठकी की भारी राशि!
नीलामी की बाजार पाने वर्ष भर से ब्लॉक व जिले के कार्यालयों चक्कर लगा रहा बोलींदार।
नियम कानून को दरकिनार करते हुए नीलामी प्रक्रिया उलझा, पंचायत कर्मी एवं अधिकारी डकार बाजार बैठकी की भारी राशि!
सीधी/मझौली
जिले के जनपद पंचायत मझौली के चमराडोल हॉट बाजार की विगत दो वर्षों से नीलामी प्रक्रिया उलझा बाजार बैटकी उगाही की अधिकांश पंचायत कर्मियों एवं जनपद के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा डकार जाने का मामला सामने आया है है।जिस बाजार पाने बोलीदार वर्ष भर से ब्लॉक से लेकर जिले भर के कार्यालयों का चक्कर लग रहा है। जहां उसको अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। बाजार पाने की बात तो दूर कार्यवाही की नकल एवं दिए गए शिकायती आवेदन पत्रों की पाउती भी सही ढंग से सील हस्ताक्षर के साथ नहीं मिल सकी है।प्रार्थी आर्थिक तंगी व मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है! जो अब न्याय पाने मीडिया से गुहार लगा रहा है।
अधिकारियों व जनसुनवाई में दिए गए कई शिकायती आवेदन पत्र मीडिया को उपलब्ध कराते हुए बोलीदार पंकज सिंह द्वारा बताया गया कि चमराडोल हॉट बाजार की बोली जून 2025 में ब्लॉक स्तर में आयोजित की गई थी। प्रथम बोलीदार द्वारा बाजार लेने से मना कर देने पर द्वितीय बोलीदार के रूप में मैं हकदार था लेकिन तात्कालिक सचिव विनोद कुमार गुप्ता, नोडल अधिकारी तात्कालिक नायब तहसीलदार मझौली आशीष मिश्रा व अन्य
मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों
द्वारा पक्षपात पूर्ण रवैया से बोली जो की न्यूनतम बोली से अधिक थी नियम कानून को दरकिनार करते हुए उलझा दिया गया। बोला गया कि इसे जिला भेजो जाएगा। कम पढ़े लिखे होने के कारण हम नहीं समझ पाए जब जानकारी हुई तो नकल मांगने लगे तो नकल देने से इनकार कर दिया गया। जिसकी शिकायत आवेदन पत्र मेरे द्वारा लगातार ब्लाक के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनसुनवाई से लेकर जिले के जनसुनवाई तक कर चुका हूं यहां तक की 181 में ऑनलाइन भी किया लेकिन बाजार तो देना अलग बात है दिए गए शिकायती आवेदन पत्रों की सही ढंग शील सिक्के के साथ पाउती तक इसलिए नहीं दी गई ताकि न्यायालय का सहारा ना ले सके। बोली के समय में मेरी उधारी ली गई 17000 रुपए राशि वर्ष भर से जमा है जिसका अनर्गल भारी भरकम ब्याज देना पड़ेगा साथ ही वर्ष भर से यहां से सीधी तक दौड़ लगा रहा हूं जिसमें काफी राशि खर्च हो चुकी है। बाजार के इंतजार में मैं बाहर कमाने नहीं जा पा रहा हूं। जिससे मुझे काफी आर्थिक छति पहुंची है। तथा वेश कीमती समय गवना पड़ा व मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार जनों के भरण पोषण में संकट छाया हुआ है। 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी मनमानी पूर्वक नियम कानून को दरकिनार करते हुए नीलामी प्रक्रिया उलझा बाजार बैठकी की अधिकांश राशि डकारने वाले पंचायत कर्मियों एवं अधिकारियों पर ना तो कोई कार्यवाही की गई है ना ही शिकायत पत्रों का कोई निराकरण किया गया।समाचार पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन व क्षेत्रीय सांसद ,विधायक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए न्याय दिलाने की मांग की गई है।
बताते चलें कि जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत चमराडोल हॉट बाजार जहां सीधी शहडोल जिले के साथ छत्तीसगढ़ राज्य तक के व्यापारी भारी संख्या में
साप्ताहिक मेले जो प्रत्येक शनिवार को लगता है में अपनी दुकान सजाने आते हैं। जिनसे 20 रूपये से लेकर 50 रुपए तक की वसूली होती हैं। बाजार में तीन से चार सौ तक दुकानदार पहुंचते हैं जहां से लगभग 10000 रुपए तक की वसूली की जा रही है जिसमें से पता चल रहा है कि अधिकतम 1000 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक जमा किए जाते हैं। बाकी की राशि मिल बाटकर हजम कर ली जाती है शायद यही कारण है कि विगत दो वर्षों से नियम विरुद्ध प्रक्रिया से नीलामी प्रक्रिया उलझा दी जा रही है। कार्यवाही के नाम पर केवल सचिव का स्थानांतरण कर दिया है। यहां तक की कलेक्टर के आदेश निर्देश पर भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
विदित हो 31 जनवरी 2024 को हाट बाजार की बोली पंचायत स्तर पर संपन्न कराई गई थी विधि विरुद्ध होने पर न्यायालय कलेक्टर कार्यालय में अपील की गई थी। न्यायालय कलेक्टर द्वारा 9 अप्रैल 2025 को आदेश जारी कर नीलामी प्रक्रिया निरस्त करते हुए तात्कालिक सचिव विनोद गुप्ता पर विभागीय जांच कार्यवाही के लिए लेख किया गया था। लेकिन सचिव पर कार्यवाही तो दूर दूसरी बोली जो 2 जून 2025 को जनपद स्तर पर आयोजित की गई जिसके नोडल अधिकारी तात्कालिक नायब तहसीलदार मझौली आशीष मिश्रा नियुक्त थे।उसी सचिव को सौंप दी गई। जहां भी नियम कानून को दरकिनार करते हुए मनमानी पूर्वक कार्यवाही संपादित कर नीलामी प्रक्रिया उलझा दी गई है। वर्ष बीतने को है अभी तक बोलीदार बाजार की नीलामी पाने तथा अपनी अमानत राशि पाने कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं यहां तक की जनसुनवाई में भी कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन अधिकारियों के जू तक नहीं हीठ रहें हैं।
*सचिव के कब्जे में नीलामी का कार्यवाही रजिस्टर*
2 जून 2025 को जनपद कार्यालय मझौली के प्राज्ञा भवन में तात्कालिक नायब तहसीलदार मझौली आशीष मिश्रा के उपस्थिति संपन्न हुई नीलामी प्रक्रिया की कार्यवाही रजिस्टर सचिव विनोद कुमार गुप्ता द्वारा अपने पास रख लिया गया है यहां तक की स्थानांतरण के बाद चार्ज में भी नहीं दिया गया। जिस कार्यवाही की नकल लिए कार्यवाही की सुबह से ही बोलीदार दौड़ लगा रहे हैं।जिस कारण बोलीदारो को सही सलामत अभी तक नकल नहीं मिल सका है। फाइल में आधी अधूरी कार्यवाही नास्ति की गई है।
*2024 की अनियमितता पर नाम मात्र की कार्यवाही*
दोबारा 2 जून 2025 की भी कार्यवाही नियम विरुद्ध किए जाने तथा कार्यवाही की नकल बोलीदारों को न उपलब्ध करने पर बोलीदार तात्कालिक कलेक्टर श्री सोमवंशी व सीईओ के पास पहुंच मौखिक रूप से शिकायत करते हुए सचिव के कारनामों से अवगत कराते हुए न्याय की मांग किए। जिसको संज्ञान में लेते हुए जिला पंचायत को द्वारा न्यायालय कलेक्टर कार्यालय सीधी के आदेश दिनांक 9 अप्रैल 2025 का हवाला देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली को 4 जून 2025 को पत्र लेख किये थे लेकिन कार्यवाही के नाम पर मात्र दिखावा कर सचिव का स्थानांतरण कर दिया गया है। परंतु जून 2025 में जहां सोची समझी साजिश के तहत जानबूझकर बताए जाने के बाद भी समुचित कार्यवाही से ना किया जाकर नीलामी प्रक्रिया को उलझा बाजार बैठकी की काफी राशि डकारी जा रही है। जिसकी जानकारी जिले तक के बड़े अधिकारी जो लगभग वर्ष भर मझौली जनपद में प्रभारी को रहे हैं उन्हें तक दी जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। अब देखना होगा जबकि बोलीदार समाचार पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन तथा क्षेत्रीय सांसद विधायक से न्याय की गुहार लग रहे हैं क्या कुछ कार्यवाही होती है।