चिवटी चाल चल रहा स्कूल भवन व बायपास रोड़ का निर्माण कार्य*12 से 18 महीने के समय अवधि वाले काम चार साल में नहीं हुए पूरे* *धूल, टेस्ट, कीचड़ व शोरगुल में समाहित होता जा रहा हजारों स्कूली बच्चों का भविष्य*
*चिवटी चाल चल रहा स्कूल भवन व बायपास रोड़ का निर्माण कार्य*12 से 18 महीने के समय अवधि वाले काम चार साल में नहीं हुए पूरे*
*धूल, टेस्ट, कीचड़ व शोरगुल में समाहित होता जा रहा हजारों स्कूली बच्चों का भविष्य*
अरविंद सिंह परिहार सीधी/ मझौली 9165539800
मामला सीधी जिले के मझौली उपखंड अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय सांदीपनि (सीएमराइज) उच्चतर उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय भवन मझौली एवं बाईपास रोड का है
जिसका कार्य अत्यंत मंदगति किया जा रहा है इन कार्यों का समय अवधि लगभग 12 से 18 माह बताई जा रही है 4 वर्ष पूर्ण होने को है अभी आधा कार्य तक नहीं हो पाया है। निर्माणाधीन बायपास रोड व विद्यालय भवन से उड़ते धूल, डेस्ट,विखरी पड़ी गिट्टी, जगह-जगह खुदे गड्ढे ,हो रहे शोर गुल, काम में लगे चलते बहनों के शोर, चारों तरफ फैली सामाग्री के साए में शासकीय मॉडल स्कूल एवं शासकीय सांदीपनि विद्यालय में पढ़ने वाले हजारों बच्चों का भविष्य समाहित होता जा रहा है।
संविदाकारों की मनमानी से न केवल छात्रों के पठान पठान में समस्या है बल्कि व्यवस्था को लेकर शिक्षक , अभिभावक भी परेशान- हैरान हैं।जो जिम्मेदारों से गुहार लगाते फिर रहे हैं।
लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
बताते चले की विद्यालय भवन एवं बायपास रोड का कार्य लगभग 4 वर्ष पूर्ण चालू किया गया था जो अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है। भवन संविदाकार द्वारा लगातार पुराने भवन को मनमानी पूर्वक तोड पठन -पठान की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा बताया गया कि पूर्व में संविदाकार द्वारा एक उत्तर साइड के भवन को तोड़कर निर्माण पूरा कर विद्यालय को शैक्षणिक कार्य के लिए दे दिया जाएगा तभी आगे काम बढ़ाया जाएगा लेकिन अब मनमानी पूर्ण रवैया से जहां जितने समय चाहते हैं शैक्षणिक कमरों को क्षतिग्रस्त कर गढ्ढे खोद मंदगति से बच्चों के शैक्षणिक समय में भी किया जा रहा है। जिसके शोर गुल एवं उड़ते धूल एवं टेस्ट से न केवल पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ डाल रहा है। वही बायपास रोड के संविदाकार द्वारा भी विगत लगभग 3-4 वर्षों से मंद गति से गुणवत्ता को नजर अंदाज करते हुए घटिया सामग्री हार्ड सोल्डर के जगह मिट्टी तथा घटिया किस्म के गिट्टी डेस्ट का उपयोग कर काम किया जा रहा है जिसके उड़ाते धूल ,डेस्ट उखडी पड़ी गिट्टी न केवल बच्चों के आने जाने में समस्या है बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल रहे हैं।
*खुदे गड्ढे दे रहे बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण जिम्मेदार कर रहे नजरअंदाज*
निर्माणाधीन बायपास रोड में माह भर से रोड में बड़े-बड़े गड्ढे खोद खुला छोड़ दिया गया है। यहां तक की अवरोध फीता तक नहीं लगाया गया है जो बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। वही निर्माणाधीन विद्यालय भवन में भी गहरी खाई खोज कर छोड़ दी गई है जिससे भी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। लेकिन सबसे चिंता जनक बात तो यह है कि यहां से जिम्मेदार अधिकारियों- कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों का आवागमन हमेशा बना रहता है लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शासन- प्रशासन के जिम्मेदार भी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं।
*कलेक्टर का निर्देश बेअसर, नहीं आते अधिकारी*
अप्रैल 2026 में कलेक्टर विकास मिश्रा द्वारा विद्यालय प्रबंधन एवं लोगों के शिकायत पर निर्माणाधीन विद्यालय भवन एवं बाईपास रोड का निरीक्षण कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को साइड में उपस्थित रहकर तत्परता से कार्य पूर्ण कराए जाने निर्देशित किया गया था लेकिन कलेक्टर के निर्देश का कोई ऐसा नहीं दिखा अधिकारी कर्मचारी पूर्व की भांति कार्यस्थल से दूरी बनाए हुए हैं वहीं संविदाकारों द्वारा मनमानी पूर्ण ढंग से घटिया निर्माण कार्य मंदगति से कराया जा रहा है।