*M.B.B.S. डां. बनने पर घर परिवार एवं सामाज में खुशी का माहौल*
जांजगीर-चांपा – कोरबा जिले के ग्राम खम्हरीया ब्लांक पाली थाना हरदी बाजार का एक होनहार साधारण मध्यम वर्गीय परिवार SC कास्ट से ताल्लुक रखने वाले विकास सील एस.पी. चंद आनंद ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के दम पर M.B.B.S. की परीक्षा उत्तीर्ण कर सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर से डॉक्टर बनने का गौरव हासिल किया है। उनके पिता का नाम फूलचंद आनंद और मां संतोषी आनंद के बेटे विकास सील एस.पी. चंद आनंद की इस सफलता से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव/क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
*आर्थिक संघर्ष*
बचपन से विकास सील एस.पी.चंद आनंद का M.B.B.S. डां. बनने का सपना रहा तथा उनके माता-पिता भी अपनें बेटे को M.B.B.S डां. बनाने का सपना देखता रहा। विकास सील एस.पी.चंद आनंद ने आर्थिक संघर्ष/विशेष परिस्थिति और कड़ी मेहनत के बीच काफी संघर्ष किया। उनके पिता कृषि तथा अन्य काम करते हैं। विकास सील एस.पी.आनंद ने बताया कि डॉक्टर बनने का सपना देखना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी, क्योंकि सामने गरीबी की ऊंची दीवार थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने M.B.B.S. डां. बनने एवं डिग्री पानें के लिए अपनी पढ़ाई के लिए कोचिंग/मेहनत और साढ़े पांच साल सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर में रहकर ट्रेनिंग किया और इसी बिच साढ़े तीन वर्ष ट्रेनिंग करनें के दरमियान अचानक उनकी मां का देहांत हो गया, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बहुत ज्यादा प्रयास करते हुए अपने माता-पिता का सपना को पूरा किया।
*नीट परीक्षा की तैयारी*
विकास सील एस.पी. आनंद ने बताया कि उन्होंने बिना महंगे कोचिंग संस्थान के, केवल NCERT/Self-study के दम पर NEET की परीक्षा अच्छे नंबरों में पास की। उनको दोस्त यार घर परिवार से कोई मतलब नहीं था उनका केवल एक ही लक्ष्य था कि मुझे मेरे माता-पिता की सपना को M.B.B.S. डां. बनके पुरा करना है। और उन्होंने अपने माता-पिता के सपनों को पुरा किया।विकास सील एस.पी.चंद आनंद ने कहा, “मेरा लक्ष्य केवल डिग्री हासिल करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सेवा प्रदान करना है”।
*परिवार और समाज में खुशी*
बेटे के डॉक्टर बनने पर उनके पिता फूलचंद आनंद ने कहा कि,”आज मेरा सिर गर्व से ऊँचा हो गया है, मेहनत सफल रही”। स्थानीय निवासियों ने विकास सील एस.पी.आनंद को बधाई देते हुए कहा कि वह क्षेत्र के अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं।