चांपा शहर के अंदर यीशु मसीह के माननें वाले लोग काला कानून के विरोध में सैकड़ों हजारों की संख्या में उतरे सड़कों पर*
*चांपा शहर के अंदर यीशु मसीह के माननें वाले लोग काला कानून के विरोध में सैकड़ों हजारों की संख्या में उतरे सड़कों पर*
*हम ऐसे कानून को नहीं मानते जिस कानून के आड़ में बेवजह निर्दोष लोगों के घरों में घुसकर अन्य दल के लोग एकजुट होकर उसके प्रार्थनाओं को भंग करे और जाति धर्म को लेकर उनके साथ मारपीट करें*
*काला कानून के आड़ में दबंगाई और गुंडागर्दी नहीं चलेगी*
*हम ना किसी को जुआ खेलाते है, ना शराब पिलाते है,ना चोरी करवाते हैं, ना झूठ बोलवाते है। हम तो अपनें एवं लोगों के लिए ईश्वर से दुआ प्रार्थना करते हैं कि लोग सत्य को जानें और सत्य उन्हें स्वतंत्र करे।*
जांजगीर-चांपा – हम ईश्वर से अपनें एवं अपने परिवार के लिए प्रार्थना करते हैं और लोगों के लिए दुआ मांगते हैं ना ही किसी का जाति-धर्म चेंज करते हैं और ना ही किसी को बरगलाते है फिर हम मसीह परिवार के साथ यह अन्याय क्यों? अन्य दल के लोग जाति-धर्म के आड़ में लेकर जबरजस्ती हमारे घरों में घुसकर गाली-गलौच, मारपीट, दबंगई और गुंडागर्दी क्यों करते हैं हम मसीह लोगों के ऊपर ये सब अत्याचार क्यों करतें हैं? अगर धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 का कानून लोगों को ये सब करनें का अधिकार देती है तो ऐसी काला कानून को हम नहीं मानते जो बेवजह निर्दोष लोगों के घरों में घुसकर मारपीट और लोगों को सताने का अधिकार देती है।
वास्तव में देखा जाए तो जिन लोगों ने यीशु मसीह के नाम से अपना जाति-धर्म कानूनी प्रक्रिया से चेंज किया हुआ है या कर रहें हैं वे लोग गलत है और उन लोगों के ऊपर कानूनी कार्यवाही जरुर होना चाहिए। क्योंकि जाति-धर्म चेंज करना एक कानूनी प्रक्रिया है और कानूनी प्रक्रिया के द्वारा से ही जाति-धर्म चेंज होता है इसलिए काला कानून के आड़ में यीशु मसीह के माननें वाले परिवार को अन्य दल के लोग जाति-धर्म चेंज कर रहे हो या करवा रहे हो कहकर लड़ाई-झगड़ा करके परेशान क्यों करते हैं। जाति-धर्म चेंज करना तो ये एक जांच का विषय होता है ना कि किसी के घर में घुसकर गुंडागर्दी और मारपीट करने का ।
मसीही समुदाय में अगर किसी का जाति-धर्म वास्तव में कानूनी प्रक्रिया से चेंज हुआ होगा तो ही उन व्यक्तियों के ऊपर उचित कानूनी कार्यवाही कर सकते है। और जो मसीह परिवार निर्दोष है जो अपना जाति-धर्म चेंज नहीं किया है केंवल मन की शांति के लिए प्रभु यीशु मसीह के नाम से प्रार्थना दुआ कर रहे हैं उनके घरों को बेवजह जबरजस्ती दबंगाई करके सताया ना जाये।
क्योंकि और कोई नहीं परन्तु यीशु मसीह ही है जो मानव जाति के लिए इस पृथ्वी पर अपना जान दिया है एक केंवल यीशु मसीह ही है जो मानव जाति को लेने के लिए इस पृथ्वी पर आया है ना कि किसी का जाति-धर्म देने के लिए आया हैं क्योंकि ईश्वर को जाति-धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। वह मनुष्य के स्वाभाविक पाप को दूर करके एक सच्चाई के मार्ग में ले जाने के लिए आया हैं।
*इसलिए बाईबल के वचन यूहन्ना के अध्याय 3:16,17 में भी लिखा है, क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसनें अपना इकलौता पुत्र दे दिया ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे वह नाश ना हो परन्तु अनंत जीवन पायें।*
*परमेश्वर नें अपनें पुत्र को जगत में इसलिए नहीं भेजा कि जगत पर दण्ड की आज्ञा दे, परन्तु इसलिए कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाये।*
यीशु मसीह लोगों के पाप को दूर करने के लिए आया हैं उनके पापों को छुड़ाकर इस दुनियां में लोगों को अनन्त जीवन देने के लिए आया हैं ना कि किसी की जाति-धर्म को चेंज करवाने के लिए आया हैं। यीशु मसीह इंसान के अंदर के बुरे स्वभाव को चेंज करता है ना कि किसी की जाति-धर्म को चेंज करता है।
अब देखना यह है कि मसीह समुदाय के लोगों के द्वारा आज रैली के माध्यम से जो ज्ञापन शासन प्रशासन को सौंपा गया है उस पर शासन प्रशासन क्या संज्ञान लेती है।