शराब दुकानों की नीलामी में ढिलाई भारी: बैतूल-गुना के आबकारी अधिकारी निलंबित
400 दुकानों की नीलामी अटकी, राजस्व लक्ष्य प्रभावित—आबकारी आयुक्त की सख्त कार्रवाई
शराब दुकानों की नीलामी में ढिलाई भारी: बैतूल-गुना के आबकारी अधिकारी निलंबित
400 दुकानों की नीलामी अटकी, राजस्व लक्ष्य प्रभावित—आबकारी आयुक्त की सख्त कार्रवाई
मध्यप्रदेश में वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने बैतूल और अशोकनगर-गुना के आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में बैतूल के जिला आबकारी अधिकारी अंशुमान सिंह चिड़ार और अशोकनगर-गुना के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी गुरुप्रसाद केवट शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने शराब दुकानों की नीलामी में शासकीय राजस्व हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तत्परता और प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते राज्य के राजस्व लक्ष्य की पूर्ति प्रभावित हुई।
विभागीय जानकारी के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 400 शराब दुकानों की नीलामी लंबित है। इस स्थिति में विभाग को स्वयं दुकानों के संचालन की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे प्रशासनिक दबाव भी बढ़ गया है।
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत की गई इस कार्रवाई में दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि के दौरान संभागीय कार्यालयों से संबद्ध किया गया है। बैतूल के अधिकारी का मुख्यालय भोपाल स्थित संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय, जबकि गुना-अशोकनगर के अधिकारी का मुख्यालय ग्वालियर स्थित कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, नीलामी प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
