किसानों पर महंगाई की नई मार
डीएपी के बाद अब एनपीके खाद भी महंगी, 50 किलो बोरी 1990 रुपये पहुंची
भोपाल। खरीफ सीजन 2026 से पहले किसानों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा जारी आदेश के अनुसार एनपीके 10:26:26 उर्वरक की नई विक्रय दरें लागू कर दी गई हैं। नई दरों के मुताबिक अब 50 किलो की एक बोरी एनपीके खाद किसानों को 1990 रुपये में मिलेगी।
मार्कफेड मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि उर्वरक समन्वय समिति की 5 मई 2026 की बैठक में यह निर्णय लिया गया। नई दरों में सीजीएसटी और एसजीएसटी भी शामिल हैं। आदेश के अनुसार पुराने स्टॉक की बिक्री पुरानी दरों पर ही की जाएगी, जबकि नया स्टॉक नई कीमत पर उपलब्ध होगा। खाद की कीमतों में बढ़ोतरी से किसानों की लागत बढ़ने की आशंका है, जिससे खरीफ सीजन की खेती पर सीधा असर पड़ सकता है।
खेती की लागत बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ी
खरीफ सीजन से पहले खाद के दाम बढ़ने पर किसानों में नाराजगी
प्रदेश में खरीफ सीजन की तैयारी के बीच खाद के दामों में हुई बढ़ोतरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि पहले से ही बीज, डीजल और कृषि उपकरण महंगे हैं, अब उर्वरकों की कीमत बढ़ने से खेती की लागत और बढ़ जाएगी। मार्कफेड द्वारा जारी नई दरों के अनुसार एनपीके 10:26:26 खाद की प्रति टन कीमत 39,800 रुपये निर्धारित की गई है।
आदेश में सभी जिला विपणन अधिकारियों और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह कृषि सामग्री महंगी होती रही तो खेती करना और मुश्किल हो जाएगा।
