सीसी रोड निर्माण में अनियमितता की जांच करने ग्राम अंनकावाड़ी पहुंचीं जनपद सीईओ घटिया सामग्री, काली पन्नी व तराई की अनदेखी के आरोप, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
सीसी रोड निर्माण में अनियमितता की जांच करने ग्राम अंनकावाड़ी पहुंचीं जनपद सीईओ
घटिया सामग्री, काली पन्नी व तराई की अनदेखी के आरोप, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
घोड़ाडोंगरी / ग्राम पंचायत अंनकावाड़ी में सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) रोड निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायत के बाद जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) तीजा पवार गुरुवार को गांव पहुंचीं और मौके पर निर्माण कार्यों की जांच की।
यह जांच ग्राम पंचायत उपसरपंच श्याम यादव एवं रामजी यादव द्वारा जनसुनवाई तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर की गई। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी किए जाने की जानकारी सीईओ को दी।
ग्रामीणों ने बताया कि दिनेश के घर से राजू की चक्की की ओर बनी लगभग 95 मीटर लंबी सीसी रोड के निर्माण में गंभीर खामियां पाई गई हैं। आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान काली पन्नी (पॉलीथीन शीट) का उपयोग नहीं किया गया, तराई (क्युरिंग) अधूरी रही, तथा मजबूती के लिए रोटावेटर मशीन का भी प्रयोग नहीं किया गया।
इसी प्रकार उपसरपंच श्याम यादव ने गब्बर के घर से दुधवानी मार्ग तक बनी 187 मीटर लंबी सीसी रोड में भी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में घटिया भसवा रेता और मोटे बोल्डर का उपयोग किया गया, जबकि निर्माण मानकों के अनुसार कार्य नहीं हुआ। इस मार्ग में भी काली पन्नी और रोटावेटर का प्रयोग नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि घटिया सामग्री और तकनीकी मानकों की अनदेखी के कारण सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद उखड़ने और बिखरने लगी, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कामकाज पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि पूरे वर्ष में केवल एक बार, 15 दिसंबर को ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई, जबकि नियमों के अनुसार नियमित बैठकें होनी चाहिए। ग्रामीणों ने पारदर्शिता के लिए हर माह ग्राम सभा आयोजित करने की मांग रखी।
इसके साथ ही गांव में चल रही नल-जल योजना के अधूरे कार्यों को लेकर भी शिकायत की गई। ग्रामीणों ने बताया कि योजना पूरी न होने से पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने सीईओ से पीएचई विभाग से समन्वय कर योजना को शीघ्र चालू कराने की मांग की।
इस पर सीईओ तीजा पवार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा नल-जल योजना और ग्राम सभा संबंधी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
( आशीष पेंढारकर की रिपोर्ट )