दिखवा-दिखावा व कोरमपूर्ति तक सिमिटता दिख रहा सरकारों का अभियान व जन कल्याणकारी शिविर।
लगभग 3 घंटे में निपटा दी गई जिला स्तरीय मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर,डाटा की नहीं दी गई जानकारी।
सीधी/मझौली
केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अन्तिम पंक्ति पर बैठे लोगों के जन कल्याण के लिए विभिन्न प्रकार के अभियान एवं शिविर आयोजित किया जा रहे हैं लेकिन इसके जिम्मेदार ऐसी जनकल्याणकारी शिविरों व अभियानों को मजाकिया तौर पर आयोजित कर कोरम पूर्ति तक सीमित रख रखे है?
एक ओर जहां प्रचार -प्रसार के अभाव में शिविर की जानकारी लोगों को नहीं हो पाती वही जो भी लोग पहुंचते हैं उनकी समस्या का समय पर निराकरण नहीं हो पाता जो एसे शिविरों से ऊब चुके होते हैं शायद यही कारण लोग शिविर से दूरियां बनाते देखे जा रहे हैं।

जिसका ताजा हाल मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मझौली केआईटीआई में 9 अक्टूबर को आयोजित जिला स्तरीय मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में देखा गया। जहां 6-7 घंटे की शिविर मात्र दो-तीन घंटे में ही निपटा दी गई। विधायक के जाते ही सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी लगभग 3 बजे ही अपना बोरा बिस्तर बांध फूट लिए। जबकि आवेदनारथी निराकरण के इंतजार में बैठे रहे। यहां तक की किसी भी मामले की जानकारी मीडिया तक को नहीं दी गई। शिविर आयोजन को लेकर फिजूल खर्ची एवं लोगों को परेशान किया जाने का आरोप प्रत्यारोप लगाया जा रहा है।

विदित हो कि एसडीएम के सूचना के अनुसार शिविर सुबह 10:30 से 4 बजे तक नगर परिषद स्तर की आयोजित होनी थी, वहीं पूर्व में कलेक्टर कार्यालय के संशोधित आदेश दिनांक 6/8/26 के सूची अनुसार भी नगर परिषद स्तर की शिविर 10 से 6 बजे आयोजित की जानी थी। लेकिन इस सीरीज को एक का एक जिला स्तरीय शिविर के रूप में तो आयोजित किया गया लेकिन इसका प्रचार -प्रसार सही ढंग से नहीं किया गया जिस कारण भले ही चाहे विधायक के पहुंचने तक सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी पहुंचे हो पर लोगों की उपस्थित नागण्य रही। जिसकी कोरमा पूर्ति कुछ महिला समूह सदस्यों एवं कलेजी छात्रों को बुलाकर किया जाना देखा व सुना गया। वही कॉलेजी छात्राओं का भटकाव भी बना रहा।
बताते चलें कि सुबह 11बजे लिए गए जायजा के दौरान गिने चुने कुछ विभागों के अधिकारी -कर्मचारी ही शिविर स्थल पर पहुंच पाए थे वो भी इधर-उधर घूमते नजर आ रहे । विधायक के आने की पूर्व लगभग 1 तक अधिकारियों कर्मचारियों का आना हुआ लेकिन जैसे ही विधायक शिविर से निकले सभी अधिकारी कर्मचारी अपना डेरा- डफूला उठा 3 बजे ही रफू चक्कर हो लिए शिविर में किसी भी हितग्राही के आवेदन पत्रों का त्वरित निराकरण किया जाना नहीं देखा या सुना गया यहां तक की कलेक्टर का पीछा करते-करते लोग तहसील कार्यालय तक पहुंचे हुए थे।शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई तथा जरूरतमंदों को आवश्यक दवाइयों का वितरण औपचारिकता पूर्ण रहा। भले ही चाहे शिविर में जिले भर का अमला पहुंचा हो पर हितलाभ वितरण के अलावा किसी भी आवेदनार्थी का मौके पर निराकरण किया जाना नहीं पाया गया। यहां तक की अपात्र किए गए पीएम आवास योजना हितग्राही को अपात्रता का करण तक नहीं बताया गया।
*विधायक ने बांटा हितलाभ*कार्यक्रम को किया संबोधित*
आयोजित शिविर में पहुंच विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 27 लाख रुपये के सीसीएल स्वीकृति पत्र, के साथ दर्जन भर पेंशन एवं लाड़ली लक्ष्मी प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथाआवास हितग्राहियों का गृह प्रवेश के लिए चाभी सौपे। तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए।इसी क्रम में राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में सांदीपनि विद्यालय पथरौला की छात्रा रुचि गुप्ता को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। अभियान का उद्देश्य केवल शिविर आयोजित करना नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव, प्रक्रियागत कठिनाई अथवा अन्य कारणों से लाभ से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों को प्राप्त ऋण सुविधा का उपयोग आजीविका
गतिविधियों के विस्तार, छोटे व्यवसायों की स्थापना तथा आय में वृद्धि के लिए किया जाना चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे सकेंगी। उन्होंने आवास योजना के हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि पक्का आवास प्रत्येक परिवार के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार है। इसी प्रकार पेंशन एवं लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाएं पात्र हितग्राहियों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में सहायक हैं।उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों को प्राप्त ऋण सुविधा का उपयोग
आजीविका गतिविधियों के विस्तार, छोटे व्यवसायों की स्थापना तथा आय में वृद्धि के लिए किया जाना चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत सहायक होगी। लेकिन यह संबोधन अधिकारियों कर्मचारियों तथा गिनी चुनी स्व सहायता समूह की महिलाओं तक सीमित रहा।
*अधिकारियों कर्मचारियों को दिये कड़े निर्देश*
विधायक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने योजनाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन की दिशा में प्रभावी प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 8 जनवरी 2027 तक संचालित रहेगा। इस अवधि में विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं की समीक्षा करें, लंबित प्रकरणों का निराकरण करें तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और आपसी समन्वय से ही अभियान के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है।
*व्हाइट बयान से चकमा देकर भागे अधिकारी*
आयोजित शिविरों के सही ढंग से क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय पत्रकारों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने एवं व्हाइट बयान लेने का प्रयास किया गया लेकिन इस दौरान जिला अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी चकमा दे निकल लिए । वहीं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौम्या आनंद जनपद में वन विभाग, शिक्षा विभाग एवं जनपद पंचायत के
अधिकारियों कर्मचारियों के साथ शाम 8 बजे तक बैठक ले पूर्व के सभी जिला सीईओ की भांति निर्देश एवं हिदायत देते देखी गई तब तक मीडिया कर्मी बयान लेने के लिए बाहर खड़े थे लेकिन वे बैठक से निकल बाइट बयान देने से इनकार करते हुए गाड़ी में सवार हो रफू चक्कर हो गई।
*कलेक्टर ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ*
शिविर में कलेक्टर विकास मिश्रा ने उपस्थितजनों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं, पात्रता एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं से मिले लाभ के बारे में बताया।
*एसडीएम ने दी गतिविधियों की जानकारी*
शिविर के दौरान एसडीएम मझौली आकाश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के उद्देश्यों और इसकी प्रमुख गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा जनसमस्याओं के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन एसडीएम की जानकारी दिए जाने से सवाल यह उठता है कि जब लोगों तक शिविर की जानकारी ही नहीं पहुंच रही है तो शिविर के उद्देश्य क्या मालूम होंगे। चर्चा है कि पंचायत स्तर के कर्मचारी सांसद, विधायक, जिला कलेक्टर एवं एसडीएम के रवैया को देखते हुए डरे सहमे है शिकायत न हो इसलिए लोगों को शिविर की जानकारी से अवगत नहीं कराया जा रहा है। जो उनके पर्सनल आदमी होते हैं उन्हें बुलाकर फोरम पूर्ति कर दी जाती है।
*शिविर में इनकी रही विशेष उपस्थिति*
आयोजित शिविर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सौम्या आनंद, जिला पंचायत सदस्य सुमन कोल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष लवकेश सिंह गहरवार, उपाध्यक्ष उदय भान यादव, भाजपा महामंत्री लोरिक प्रसाद यादव, प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र सिंह चौहान, तहसीलदार मझौली दिलीप सिंह, जनपद पंचायत से पंचायत इंस्पेक्टर रोशन लाल गुप्ता, लेखा अधिकारी संतोष निगम, अरविंद तिवारी,सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय एवं खंड स्तरीय अधिकारी लगभग एक से डेढ़ बजे तक शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सुरभि श्रीवास्तव ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।