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आमला में खेल मैदान की मांग को लेकर लामबंद हुए खिलाड़ी, तहसील पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

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आमला में खेल मैदान की मांग को लेकर लामबंद हुए खिलाड़ी, तहसील पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

तहसील कार्यालय के सामने उपलब्ध शासकीय भूमि पर मैदान बनाने की मांग, नांदपुर पंचायत में स्वीकृति की खबर से युवाओं में निराशा
आमला। नगर में खेल मैदान की मांग को लेकर युवाओं और खिलाड़ियों ने अपनी आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया है। आमला तहसील कार्यालय के सामने पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद नांदपुर पंचायत में खेल मैदान स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद नगर के खिलाड़ियों में नाराजगी और मायूसी देखी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार सुबह करीब आधा सैकड़ा खिलाड़ी तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार के माध्यम से बैतूल कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आमला में ही खेल मैदान विकसित करने की मांग की।खिलाड़ियों का कहना है

 

कि आमला नगर में बच्चों और युवाओं के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित खेल मैदान का अभाव है। ऐसे में तहसील कार्यालय के सामने उपलब्ध खुली शासकीय भूमि खेल मैदान के लिए उपयुक्त विकल्प हो सकती है। इस स्थान पर मैदान विकसित होने से नगर के खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करने के साथ ही क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी सहित अन्य खेलों की गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

विधायक की घोषणा के बाद दूसरी जगह मैदान की स्वीकृति से उठे सवाल

खिलाड़ियों के अनुसार, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे द्वारा तहसील कार्यालय के सामने उपलब्ध भूमि पर खेल मैदान बनाए जाने की बात कही गई थी। खिलाड़ियों का दावा है कि विभिन्न मंचों से भी इस स्थान पर खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की गई थी। इसी उम्मीद में नगर के युवा इस स्थान पर मैदान बनने की प्रतीक्षा कर रहे थे।लेकिन मंगलवार शाम सोशल मीडिया पर नांदपुर पंचायत में खेल मैदान की स्वीकृति से संबंधित पोस्ट सामने आने के बाद खिलाड़ियों को निराशा हुई। युवाओं का कहना है कि जब आमला नगर में ही खेल मैदान के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, तो नगर के खिलाड़ियों की जरूरत को प्राथमिकता देते हुए इसी स्थान पर मैदान विकसित करने के प्रयास क्यों नहीं किए जा रहे हैं? हालांकि, मैदान की स्वीकृति और स्थान चयन से संबंधित आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
तहसील कार्यालय के सामने की भूमि का निरीक्षण कराने की मांग
कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में खिलाड़ियों ने तहसील कार्यालय के सामने उपलब्ध शासकीय भूमि का स्थल निरीक्षण कराने और उसका सीमांकन कराकर खेल मैदान के रूप में उपयोगिता का परीक्षण करने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि को नियमानुसार खेल मैदान के रूप में विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की जाए तथा इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।खिलाड़ियों का मानना है कि नगर के बीचोंबीच और आसानी से पहुंच योग्य स्थान पर मैदान बनने से बच्चों एवं युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त होगा।

फैसला नहीं बदला तो आंदोलन की चेतावनी

खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि खेल मैदान केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के शारीरिक विकास, अनुशासन और खेल प्रतिभाओं को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नगर में मैदान की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।युवाओं ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए तहसील कार्यालय के सामने उपलब्ध भूमि पर खेल मैदान विकसित करने के संबंध में निर्णय लिया जाए। खिलाड़ियों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी समय में उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और स्थान चयन के फैसले पर पुनर्विचार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने तथा सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन खिलाड़ियों की मांग पर क्या कदम उठाता है और आमला नगर में खेल मैदान की लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करने के लिए क्या निर्णय लिया जाता है।

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