कमीशन खोरी के भेंट चढ़ रही मझौली नगर विकास की राशि?
सीएमओ, उपयंत्री गायब, अभिज्ञ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के हवाले निर्माण कार्य की जिम्मेदारी।
एसडीएम की हिदायत व गुणवत्ता युक्त कार्य के निर्देश के बावजूद भी नहीं सुधार।
सीधी/मझौली
वैसे तो जब से नगर अध्यक्ष का निर्वाचन चालू 2811से हुआ है नगर विकास की राशि भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी की भेट चढ़ रही हैं।लेकिन जिस तरह से वर्ष 2022की गठजोड़ की वर्तमान नगर सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी प्रकाश में आ रहा है शायद ही कहीं और कभी रहा होगा! जिसका ताजा मामला इन दोनों चालू पीसीसी निर्माण कार्य जो नगर पंचायत कार्यालय के नवीन भवन से वन विभाग कार्यालय तक बनाई जा रही है देखा जा सकता है।
लोगों के बताएं व शिकायत पर जब इसका जायजा लिया गया तो लोगों की सूचना और शिकायत जायज मिली अत्यंत घटिया किस्म के मटेरियल का उपयोग कर रोड का निर्माण कार्य विना प्राक्कलन व एस्टीमेट का बोर्ड लगाए कराया जाना देखा वह पाया गया। जिसकी जानकारी चाहे जाने पर भी कोई बताने को तैयार नहीं।जिसकी जानकारी लगातार नगर पंचायत के प्रमुख जिम्मेदारों को दी जाती रही लेकिन आधा काम पूर्ण होने को है जिम्मेदारों की नजर इस तरफ नहीं गई जबकि नगर परिषद कार्यालय की अति करीब ही अन्य जगह के निर्माण कार्य के छुटे -छाटे जैसा जैसे मटेरियल व सीमेंट व बालू की जगह अधिकांश डेस्ट -राखड़ का उपयोग कर रोड निर्माण कराया जा रहा है। जहां नगर परिषद का कोई जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी मौजूद नहीं रहे। वही संविदाकार के कुछ अनर्गल लोगों द्वारा हमारे प्रतिनिधि से अनर्गल बहस बाजी नगर परिषद के कर्मचारियों के आने के पूर्व एवं उनको बुलाने पर उनके समक्ष भी की गई। लेकिन कर्मचारियों द्वारा उन्हें बहस बाजी से मन नहीं किया गया जबकि हमारे प्रतिनिधि द्वारा नगर परिषद के जिम्मेदारों को ले जाकर मटेरियल दिखाया जा रहा था।

जब मटेरियल लोडर में लोड किया जा रहा था उसे समय जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी एसी युक्त कमरों में बैठे मनोरंजन एवं आराम फरमाते तथा स्वयं एक दूसरे तथा साधु संतों से दरबार करते मिले जब हमारे प्रतिनिधि द्वारा जबरदस्ती उठाकर मटेरियल दिखाया गया तो वह लोग मटेरियल देख भौचक्के तो हुए। पर संविदाकार के पक्ष में ही उनका मनोभाव देखा गया। ऐसे मटेरियल के हुए उपयोग के बारे में कार्यवाही के संबंध में पूछा गया तो कुछ भी बोलने से इधर-उधर की बातें करते रहे। सबसे बड़ी बात यह है कि विगत 15 दिवस से इस प्रकार के मटेरियल का उपयोग हो रहा है लेकिन नगर प्रशासन के जिम्मेदार पूरी तरह से आंख बंद कर रखे हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि नगर विकास की अधिकांश राशि कमीशन खोरी की भेट चल रही है। संविदाकार मनमानी पूर्वक भ्रष्टाचार को अंजाम अंजाम दे रहे हैं। जिसकी जानकारी हमारे प्रतिनिधि द्वारा एसडीएम मझौली आकाश अग्रवाल को दी गई जिस संबंध में एसडीएम द्वारा नगर पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारियों के साथ संविदाकार को गुणवत्ता युक्त कार्य के सुझाव व निर्देश दिए गए। लेकिन उनके इस सुझाव व निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए सुबह से ही जमकर भ्रष्टाचार को अंजाम देना चालू कर दिया गया।
*नगर प्रशासन की सुविधा व्यवस्था पर सवाल*

नगर प्रशासन मझौली न जाने किस कारण से संविदाकार पर मेहरबान है कि अपने नौकरी की परवाह किए बगैर संविदाकार को उनकी इच्छा अनुसार सुविधा मुहैया उपलब्ध करा रहा है। यहां तक की फायर ब्रिगेड वाहन रोड की तराई व धुलाई करने के लिए उपलब्ध करते हुए 3–4 कर्मचारी भी प्रोवाइड करा दिये। ऐसे में नगर परिषद के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों जिम्मेदारी पर सवालिया निशान लग रहा है।
जिस मार्केट में नगर अध्यक्ष सहित तीन से चार पार्षद मौजूद है वहीं पास नगर परिषद के कर्मचारी की तैनाती व फायर वाहन से रोड की तराई एवं धुलाई की जा रही है फिर भी उनकी नजर इस और नहीं जा रही है जिस कारण उनके कार्य प्रणाली पर संदेह उत्पन्न होना बाजिब होगा। अब देखना होगा जबकि पीसीसी रोड का इस तरह से कम किया जा रहा है ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्या कुछ कवायत की जाती है।