News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
पुलिस से धक्का-मुक्की के दौरान महिला सभा जिलाध्यक्ष विभा यादव सड़क पर गिरीं, चोट लगने की बात; महिला प्रदर्शनकारियों के बीच महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर उठे सवाल
कौशाम्बी: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रणाली के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय मंझनपुर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। पत्रकार चौराहे पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना देकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क रहा। पत्रकार चौराहे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और छीना-झपटी की स्थिति बन गई। कुछ देर तक मौके पर तनाव का माहौल रहा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

धक्का-मुक्की में सड़क पर गिरीं महिला सभा जिलाध्यक्ष
प्रदर्शन के दौरान सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष विभा यादव भी मौजूद थीं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के दौरान वह सड़क पर गिर गईं। सपा नेताओं के मुताबिक, गिरने से उन्हें चोट लगी है। घटना के बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला।
सपा नेताओं ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। वहीं, महिला प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस स्थिति को लेकर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिला कार्यकर्ताओं की संख्या को देखते हुए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी होनी चाहिए थी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ की नारेबाजी
धरना-प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने और फांसी की सजा की मांग भी उठाई गई।
पुतला दहन के दौरान पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी बढ़ गई। काफी देर तक मौके पर नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन चलता रहा।

पुलिस की मौजूदगी में खत्म हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया गया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि SIR और चुनाव व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, प्रदर्शन के दौरान महिला जिलाध्यक्ष के गिरकर घायल होने के मामले ने पुलिस की कार्रवाई और महिला प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।