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बैतूल कलेक्टर साहब ! पढ़ार कॉलेज ऑफ नर्सिंग में अनियमितताओं का अंबार ?

पूर्व महिला प्राचार्य का आरोप, प्राचार्य का काम कराया, छह साल तक पूरा वेतन नहीं दिया, अब शिकायत वापस लेने और घर खाली करने का दबाव

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बैतूल कलेक्टर साहब ! पढ़ार कॉलेज ऑफ नर्सिंग में अनियमितताओं का अंबार ?

 

पूर्व महिला प्राचार्य का आरोप, प्राचार्य का काम कराया, छह साल तक पूरा वेतन नहीं दिया, अब शिकायत वापस लेने और घर खाली करने का दबाव

 

मनीष कुमार राठौर

8109571743

 

भोपाल / बैतूल । बैतूल जिले के कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पढ़ार हॉस्पिटल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संस्थान की पूर्व श्रीमती प्राचार्य एन हैरियट कुमार ने प्रबंधन पर ऐसे आरोप लगाए हैं, जो न केवल श्रम अधिकारों बल्कि महिला कर्मचारी की गरिमा, सेवा नियमों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े करते हैं।

बैतूल जिले के कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पढ़ार हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। संस्थान की पूर्व प्राचार्य हैरियट एन कुमार ने प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन, राज्य सरकार और महिला आयोग से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों तक उनसे प्राचार्य का कार्य कराया गया, लेकिन प्राचार्य पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया गया। वेतन अंतर की मांग उठाने के बाद उन्हें मानसिक प्रताड़ना, शिकायत वापस लेने का दबाव, आवास खाली कराने की कोशिश और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

 

 

क्या हैं पूर्व प्राचार्य के 10 बड़े आरोप?

 

1. प्राचार्य का काम, लेकिन वेतन नहीं

 

वर्ष 2016 में कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया। वर्ष 2017 में Code-28 स्वीकृत होने के बाद भी प्राचार्य के सभी दायित्व निभाए, लेकिन वेतन संशोधित नहीं किया गया।

 

2. छह साल तक वेतन अंतर रोके रखने का आरोप

 

वर्ष 2017 से 2023 तक केवल ₹35,000 प्रतिमाह वेतन मिलने का दावा। प्राचार्य पद के अनुरूप वेतन और एरियर आज तक नहीं मिलने का आरोप।

 

3. केवल आश्वासन, कोई आदेश नहीं

 

बार-बार कहा गया कि समिति की बैठक के बाद वेतन अंतर मिलेगा, लेकिन वर्षों तक केवल मौखिक आश्वासन दिए गए।

 

4. रिकॉर्ड और बैंक खाते में अंतर

 

कुछ दस्तावेजों में अधिक वेतन दर्शाने का आरोप, जबकि बैंक खाते में कम राशि जमा होने का दावा। चार्टर्ड अकाउंटेंट से बैंक विवरण का परीक्षण कराने की बात कही।

 

5. बेहतर नौकरी छोड़वाई

 

दूसरे संस्थान में प्राचार्य पद मिलने के बावजूद वेतन अंतर दिलाने का आश्वासन देकर सेवा जारी रखने के लिए रोका गया।

 

6. फिर अचानक सेवानिवृत्ति का दबाव

 

त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया गया, लेकिन बाद में अचानक 62 वर्ष की आयु का नियम बताकर सेवानिवृत्ति के लिए कहा गया।

 

7. कार्यालय में ताला और आवास खाली कराने का आरोप

 

पारिवारिक शोक से लौटने पर कार्यालय में ताला लगा मिला। आवास खाली करने और सेवानिवृत्ति पत्र लेने का दबाव बनाने का आरोप।

 

8. बिजली काटने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

 

आवास की बिजली काटे जाने, पुलिस और प्रशासन से शिकायत तथा कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद बिजली बहाल होने का दावा।

 

9. हाईकोर्ट के नाम पर वेतन रोकने का आरोप

 

पूर्व प्राचार्य का कहना है कि हाईकोर्ट में केवल सेवानिवृत्ति का मामला लंबित है, वेतन अंतर का नहीं। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

 

10. अभिलेखों में गड़बड़ी की आशंका

 

जिला प्रशासन के निर्देश पर रिकॉर्ड देखने के दौरान बिल फोल्डर और बिल एंट्री रजिस्टर निर्धारित स्थान पर नहीं मिलने का आरोप।

 

 

 

अब प्रशासन के सामने बड़े सवाल ?

 

– यदि प्राचार्य का कार्य लिया गया तो प्राचार्य का वेतन क्यों नहीं दिया गया ?

 

– वेतन अंतर वर्षों तक लंबित क्यों रखा गया ?

 

– त्यागपत्र स्वीकार करने के बजाय सेवा जारी रखने का आग्रह क्यों किया गया ?

 

– बाद में अचानक सेवानिवृत्ति के लिए क्यों कहा गया?

– क्या महिला कर्मचारी पर शिकायत वापस लेने और आवास खाली करने का दबाव बनाया गया ?

 

– क्या रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच होगी ?

 

– क्या जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा ?

 

“मैं अकेली महिला हूं, न्याय चाहती हूं”

 

पूर्व प्राचार्य का कहना है कि वे एक अकेली महिला हैं और स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं। उनका कहना है कि वे किसी संस्था की छवि खराब नहीं करना चाहतीं, बल्कि केवल अपना वैधानिक वेतन, सेवा लाभ और न्याय चाहती हैं। उन्होंने राज्य सरकार, जिला प्रशासन, महिला आयोग और संबंधित विभागों से पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।

 

कॉलेज, हॉस्पिटल प्रबंधन का पक्ष

 

इस मामले में कॉलेज एवं अस्पताल प्रबंधन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा ।

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