*झिरन्या। खरगोन*
*संवाददाता दिलीप बामनिया*
*स्कूल तोड़कर सीसी रोड बनाने की साजिश में सरकार को किया अनदेखा लाखों का मलबा गायब*

बड़ी (झिरनिया): सीएम राइज स्कूल के नाम पर ‘बड़ा खेल’; पुरानी बिल्डिंग का मलबा डकार कर पीआईयू ने उसी जगह तान दी सीसी रोड
झिरनिया (खरगोन)। जनपद पंचायत झिरनिया के ग्राम बड़ी में सीएम राइज स्कूल (CM Rise School) के निर्माण की आड़ में भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखी जा रही है। यहाँ लोक निर्माण विभाग की पीआईयू (PIU) शाखा के एसडीओ और ठेकेदार ने मिलकर स्कूल परिसर में स्थित पुराने शासकीय प्राथमिक शाला भवन को बिना किसी वैधानिक अनुमति के ढहा दिया। ताज्जुब की बात यह है कि साक्ष्य मिटाने के लिए उसी मलबे के ऊपर आनन-फानन में सीसी रोड का निर्माण भी पीआईयू द्वारा ही कर दिया गया है।
नीलामी प्रक्रिया को ठेंगा, लाखों की सामग्री गायब
नियमों के अनुसार, सीएम राइज स्कूल की नई बिल्डिंग या परिसर विकास के लिए यदि पुराने भवन को हटाना अनिवार्य था, तो पहले उसकी विधिवत ‘कंडम’ रिपोर्ट तैयार होनी थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा मूल्यांकन कर सार्वजनिक नीलामी की जानी थी। लेकिन यहाँ बिना नीलामी के ही लाखों की सामग्री (ईंट, लोहा, पत्थर) को गायब कर दिया गया।
गबन का आरोप: पुरानी बिल्डिंग का कीमती लोहा और अन्य सामग्री सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के बजाय सीधे ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से ठिकाने लगा दी गई।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश: जिस जगह बिल्डिंग खड़ी थी, वहाँ तुरंत सीसी रोड का निर्माण कर दिया गया ताकि भविष्य में पुराने भवन की मौजूदगी का कोई भौतिक प्रमाण न रहे।
सीएम राइज स्कूल के मापदंडों का उल्लंघन
शासन द्वारा सीएम राइज स्कूलों को शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, लेकिन यहाँ विभाग के अधिकारी ही इसकी आड़ में शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुँचा रहे हैं। स्कूल ग्राउंड में बिना अनुमति तोड़फोड़ और सामग्री की चोरी ने पीआईयू की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनता के सवाल और प्रशासनिक चुप्पी
क्या पीआईयू के पास इस पुरानी बिल्डिंग को तोड़ने का कोई लिखित ‘डिस्पोजल ऑर्डर’ था?
यदि बिल्डिंग तोड़ी गई, तो उससे निकले मलबे की नीलामी से प्राप्त राशि शासन के किस खाते में जमा हुई?
स्कूल ग्राउंड में सीसी रोड बनाने का तकनीकी लेआउट और वर्क ऑर्डर क्या कहता है?
“शासकीय संपत्ति को बिना नीलामी बेचना या खुर्द-बुर्द करना सीधा गबन है। पीआईयू द्वारा उसी जगह सड़क बनाना यह साबित करता है कि वे अपनी अनियमितताओं को छिपाना चाहते हैं।” — स्थानीय जागरूक नागरिक
कलेक्टर से शिकायत की तैयारी: इस मामले में क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर खरगोन और वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जाँच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मलबे का हिसाब और दोषियों पर कार्यवाही नहीं हुई, तो वे इस भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री तक पहुँचाएंगे।
इस विषय को लेकर ब्री आर सी राघवेंद्र जीजोशी झिरन्या अधिकारी को जानकारी पूछी गई तो उन्होंने कहा नई स्कूल तोड़ने की जानकारी मुझे नहीं है नहीं इस विषय का मुझे किसी प्रकार से अवगत करवाया
*झिरन्या। संवाददाता दिलीप बामनिया की रिपोर्ट*