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कैप्टन असलम सिद्दीकी को विजय दिवस पर उनके परिजनों ने श्रद्धांजलि, 1971 भारत- पाक युद्ध में हुये थे घायल

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स्पेशल स्टोरी By- नितिन केसरवानी

पुर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल से हुये थे सम्मानित, सेना की नौकरी के दौरान कई खेल पुरस्कार जीते

भरवारी: स्व० कैप्टन असलम सिद्दीकी हमारे देश का नाम रोशन करने वाले तथा 1986 वा 1993 में माननीय तत्कालीन राष्ट्रपति जी के द्वारा सम्मानित कैप्टन असलम सिद्दीकी साहब के जीवन की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।

कैप्टन असलम सिद्दीकी साहब उनके जीवन से जुडी कुछ बाते निम्नं है जो कि बहुत महत्वपूर्ण है‌।
23 दिसंबर 1964 से उन्होंने भारतीय सेना में भी अपनी सेवा दी और अनेको अभियान में सेना के टुकडियो का नेतृत्व किया और सफलता हासिल कि और सेना में भी कई पदक प्राप्त किये‌।
सन् 1971 पकिस्तान के खिलाफ युद्ध में ये बम लग जाने के कारण कैप्टन असलम सिद्दीकी गंभीर रूप से घायल हो गए थे उसके बाद भी वो देश के दुश्मनों से लड़ते रहे इस युद्ध में वो इतना ज्यादा घायल हो गए थे कि उनकी बचने कि उम्मीद ही नहीं थी सेना के जवानों ने किसी तरह अस्पताल पहुचाया और कई महीनो के बाद वो पूरी तरह से ठीक हुए।
इस वीरता के लिए देश के 9वें राष्ट्रपति माननीय शंकर दयाल शर्मा जी ने भारतीय सेना में उनके शानदार योगदान के लिए मानद कैप्टन रैंक और विशिट सेवा पदक से सम्मानित किया।


कई किताबो में उनके जीवन और उपलब्धियों से जुडी तमाम बातें छापी गई है।
कैप्टन असलम सिद्दीकी सन् 1973 से 1978 तक लगातार हैवीवेट वर्ग में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीतकर एशियाई और भारतीय शौकिया मुक्केबाजी छेत्र में अपना दबदबा बनाया और चैम्पियनशिप जीती !
9 मई 1973 को कैप्टन असलम सिद्दीकी ने थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित एशियन एमेच्योर बोक्सिंग चैम्पियनशिप में हैवी वर्ग में रजत पदक जीता, दो महीने पहले उन्होंने अप्रैल 1973 में जमशेदपुर भारत में नेशनल हैवीवेट क्राउन जीता।
28 सितम्बर 1975 को जापान के योकोहामा में आयोजित एशियन बोक्सिंग चैम्पियनशिप में उन्होंने हैवी वेट डिविजन में फिर से रजत पदक जीता, उन्होंने मै 1975 में YMCA ऑल इंडिया बोक्सिंग मीट में भी आसानी से जीत हासिल कि, उनकी आखरी जीत मार्च 1975 में आयोजित सर्विस हैवी वेट बोक्सिंग क्राउन थी ।


सन् 21 मई 1986 को देश के 7वें राष्ट्रपति माननीय ज्ञानी जैल सिंह जी के द्वारा उन्हें मुक्केबाजी में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए विशिष्ट सेवा पदक (V.S.M) से सम्मानित किया गया।
सन् 2008 में हज कि यात्रा के दौरान सउदी अरब के मक्का शहर में हृदय गति रुक जाने के कारण उनका देहांत हो गया।

स्व कैप्टन असमद सिद्दीकी के परिजनों भावुक पोस्ट करते हुये आज विजय दिवस पर उन्हे भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

 

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