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डंपर की टक्कर ने छीनी मां-बेटी की जिंदगी: सड़क निर्माण में देरी और बेलगाम भारी वाहनों पर उठे सवाल

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News By-नितिन केसरवानी

कौशांबी: सराय अकिल थाना क्षेत्र के पटेल चौराहे के पास सोमवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से घायल महिला और उसकी डेढ़ वर्षीय मासूम बेटी की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि महिला का भाई गंभीर रूप से घायल है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है और सड़क निर्माण में हो रही देरी तथा भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, चरवा थाना क्षेत्र के सुकवारी निवासी विकास त्रिपाठी अपनी बहन वंदना त्रिपाठी (पत्नी चिरंजीव शुक्ला, निवासी बुढ़ाना सुकलान, थाना नवाबगंज, प्रयागराज) और उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी गौरंगी शुक्ला को बाइक से लेकर जा रहे थे। पटेल चौराहे के पास तेज रफ्तार डंपर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल संजीवनी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान वंदना और मासूम गौरंगी ने दम तोड़ दिया, जबकि विकास का इलाज जारी है।

मृतका के पति चिरंजीव शुक्ला ने पत्नी और बेटी की मौत की पुष्टि की। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

सड़क निर्माण में देरी बनी जानलेवा?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मार्ग पर हादसा हुआ, वहां लंबे समय से सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य अधूरा पड़ा है। जगह-जगह गड्ढे, धूल और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। निर्माण कार्य की धीमी गति और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के चलते यह मार्ग दुर्घटना का केंद्र बन गया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण समय पर पूरा कर लिया गया होता और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

सरकार और प्रशासन से जवाबदेही की मांग

घटना के बाद लोगों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया है कि अधूरी सड़कों और बिना सुरक्षा इंतजाम के भारी वाहनों को संचालन की अनुमति क्यों दी जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की जांच कर कार्रवाई की जाए, साथ ही मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और घायल युवक के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाए।

पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास कार्यों में देरी और यातायात प्रबंधन की लापरवाही की कीमत आखिर आम नागरिकों को अपनी जान देकर कब तक चुकानी पड़ेगी?

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