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आयुष्मान योजना पर सवाल: पढ़ार अस्पताल में गरीब मरीजों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप

इलाज कैशलेस, फिर किस बात के पैसे? परिजनों से अतिरिक्त राशि लेने और दबाव बनाने का आरोप

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आयुष्मान योजना पर सवाल: पढ़ार अस्पताल में गरीब मरीजों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप

 

इलाज कैशलेस, फिर किस बात के पैसे? परिजनों से अतिरिक्त राशि लेने और दबाव बनाने का आरोप

 

वीडियो और CCTV फुटेज से खुल सकते हैं कई राज, स्वास्थ्य विभाग व आयुष्मान प्रबंधन से जांच की मांग

 

मनीष कुमार राठौर / 9407299343

भोपाल / बैतूल। बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील स्थित पढ़ार अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। आरोप है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार के बावजूद गरीब आदिवासी मरीज के परिजनों से अतिरिक्त राशि की मांग की गई। इतना ही नहीं, जब परिजनों ने भुगतान करने में असमर्थता जताई तो अस्पताल के एक डॉक्टर और एक कर्मचारी द्वारा कथित रूप से दबाव बनाया गया तथा अभद्र व्यवहार किया गया।

 

पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो उनके मोबाइल में रिकॉर्ड है, जबकि अस्पताल परिसर के CCTV कैमरों में भी घटना कैद हुई है। आरोप है कि दबाव के चलते परिजनों से अतिरिक्त राशि वसूल ली गई। पीड़ित का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ और आयुष्मान योजना के नाम पर आर्थिक शोषण किया गया।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में गरीब ग्रामीण एवं आदिवासी मरीजों से मनमानी वसूली की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच में पुष्टि होती है तो यह न केवल आयुष्मान भारत योजना के नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि गरीबों के लिए बनाई गई स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।

 

सबसे गंभीर आरोप यह भी है कि मामले की जानकारी अस्पताल प्रबंधन तक पहुंचने के बावजूद कथित रूप से संबंधित डॉक्टर और कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पूरे मामले में प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

 

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

 

जब दैनिक प्राइम संदेश ने अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने मामले को “गलतफहमी” बताते हुए विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

 

वहीं, इस संबंध में भोपाल स्थित स्वास्थ्य विभाग तथा मध्यप्रदेश आयुष्मान भारत योजना के अधिकारियों से संपर्क किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस विषय पर सोमवार को जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की सरकारी सहायता और दानदाताओं के सहयोग से संचालित अस्पतालों में यदि आयुष्मान योजना के नाम पर गरीब मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है, तो इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा?

 

अगले अंक में देखिए ।

 

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