श्री राम जन्म की लीला में उमड़ा जन सैलाब, गाएं गए बधाई गीत
श्री राम ने किया अहिल्या का उद्धार, ताड़का, सुबाहु और मरीच का वध
जुन्नारदेव —– नगर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर श्री रामलीला मंचन के दूसरे दिन भगवान श्री राम जन्म की कथा का मंचन दिखाया गया जहां पर श्री राम के जन्म उपरांत अयोध्या में उत्साह का माहौल रहा राम जन्म के दौरान परंपरा अनुसार राम झूला सजाया गया जहां पर मन्नत पूरी होने पर लोगों ने अपने नवजात बच्चों को झूले पर डालकर भगवान श्री राम के दरबार में भेद प्रदान की। इसके अतिरिक्त संतान प्राप्ति की कामना को लेकर लोगों ने मन्नते भी मांगी।
श्री राम ने किया अहिल्या का उद्धार —— ऋषि विश्वामित्र राक्षसों से ऋषि मुनियों की रक्षा के लिए राजा दशरथ से श्री राम और लक्ष्मण को साथ में लेकर जाने का आग्रह करते हैं जिसके बाद राम और लक्ष्मण ऋषि के साथ वन की ओर गमन करते हैं इस दौरान श्राप वश पत्थर में परिवर्तित हुई माता अहिल्या का उद्धार भी श्री राम के द्वारा अपने चरण रज के स्पर्श से किया जाता है इस दौरान दिव्या अहिल्या श्री राम को नमन कर अपने पुण्य लोक की ओर गमन करती है।
श्री राम ने किया ताड़का, सुबाहु और मरीच का वध —— ऋषि विश्वामित्र के साथ गमन के दौरान रास्ते में श्री राम आतातायी राक्षसी ताड़का का वध कर जंगल के पशु पक्षी और जीवों को निर्भय प्रदान करते हैं इसके उपरांत राक्षसी ताड़का के वध का बदला लेने आए सुबह हो और मरीज को भी श्री राम के वाणों से परलोक प्राप्त होता है इस प्रकार राम ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से राक्षसों का संघार करते हैं। आगे की लीला में सीता स्वयंवर, धनुष टूटना रावण वाला और संवाद लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला का मंचन किया जाएगा।
इन पत्रों ने किया अभिनय —– दूसरे दिन श्री रामलीला मंचन के दौरान राजा दशरथ तरुण बत्रा, श्री राम अनुरूप शर्मा, लक्ष्मण आकाश परसाई, ऋषि वशिष्ठ अश्विन (मोंटी) गोदवानी, ऋषि विश्वामित्र धर्मेंद्र मालवीय, ऋषि श्रृंगी सत्येंद्र शुक्ला, कौशल्या वंश विश्वकर्मा, केकई कुलदीप नांदेकर, सुमित्रा अक्ष सूर्यवंशी, ताड़का अभिषेक विश्वकर्मा, मारीच अंकुर रघुवंशी, सुबाहु देवांश मालवीय, अहिल्या संदेश बागडे, नृत्यांगना बलवीर द्वारा अभिनय किया गया।