*धुलकोट। बुरहानपुर*
*संवाददाता दिलीप बामनिया*
*घटिया सामग्री से बन रहा सामुदायिक भवन, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई*
25 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन भवन पर उठे सवाल, पत्थरों के टुकड़ों के बीच नाममात्र की गिट्टी-रेत और सीमेंट इस्तेमाल करने का आरोप

धुलकोट/बुरहानपुर। धुलकोट क्षेत्र के ग्राम परतकुंडिया के समीप स्थित खिलाफ गांव में करीब 25 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता के बजाय कथित तौर पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य में बड़े-बड़े पत्थरों के टुकड़ों का इस्तेमाल किए जाने के बाद उनके ऊपर नाममात्र की गिट्टी, रेत और सीमेंट डालकर निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की उचित जांच नहीं की जा रही है।
25 लाख की लागत, गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जब भवन निर्माण पर लाखों रुपये की राशि खर्च की जा रही है, तो निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता का पालन होना चाहिए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि निर्माण में इसी तरह लापरवाही बरती गई तो तैयार भवन भविष्य में उपयोग के दौरान जल्द क्षतिग्रस्त हो सकता है।
निर्माण सामग्री की जांच की मांग

मामले को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच, इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच तथा निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि भवन निर्माण कार्य की मौके पर उच्च अधिकारियों की टीम भेजकर जांच कराई जाए और निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
अब सवाल यह है कि 25 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस सामुदायिक भवन की गुणवत्ता की जांच कब होगी और ग्रामीणों की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं?
*धुलकोट। संवाददाता दिलीप बामनिया की रिपोर्ट*