लोकेशन धामनोद
संवाददाता मोनु पटेल
*भागवत कथा में रुक्मणी मंगल के प्रसंग में कृष्णमय हुआ पांडाल*,
*किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर सोनाली दीदी ने किया व्यास पूजन*
*भक्त बनो भगवान बनने की कोशिश मत करो — संत नारायण प्रसाद ओझा*
धामनोद– नगर के श्री वेंकटेश बालाजी मंदिर में राधा अष्टमी से चल रही भागवत कथा में आज श्री कृष्ण एवं रुक्मणी के मंगल विवाह का प्रसंग आया जिसमें पूरे उत्साह के साथ झांकी के रूप में भगवान श्री कृष्ण रुक्मिणी जी को लेकर पंडाल में जैसे ही पहुंचे भक्तों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया बड़े ही उत्साह के साथ झूमने लगे आतिशबाजी एवं पटाखों से पंडाल गुजने लगा सभी भक्त एक दूसरे को बधाइयां दे रहे थे

व्यास पीठ पर विराजित पंडित नारायण प्रसाद ओझा ने मंगलाष्टक कर वैदिक मंत्रों द्वारा भगवान की वरमाला करवाई एवं संगीतज्ञों की टीम ने मधुर मधुर भजनों से ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि महिला पुरुष बच्चे बुजुर्ग सभी नृत्य करने लगे किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर सोनाली दीदी ने कथा पंडाल में पहुंचकर व्यास पूजन किया ओर संत श्री का स्वागत किया वही संत श्री द्वारा भी महामंडलेश्वर दीदी का सम्मान किया ओर संपूर्ण क्षेत्रवासियों के मंगल की कामना की संत श्री द्वारा बताया गया कि परमात्मा सिर्फ एक ही है उसके भक्त बनकर सेवक बनकर मनचाही संपदा प्राप्त कर सकते हो भगवान बनने की कभी कोशिश मत करो जो भी व्यक्ति भगवान बनने की कोशिश करता है वह स्वयं का सर्वनाश कर लेता है इसके कई उदाहरण है चाहे रावण हो कंस हो या दुर्योधन हो इन्होंने स्वयं का वह अपने कुल का सर्वनाश कर लिया क्योंकि ईश्वर एक ही हे परमात्मा की भक्ति में जो चाहोगे वह मिलेगा बड़ी संख्या में महिला पुरुष कथा श्रवण कर रहे हे