पटाखा विस्फोट के बाद परिजन को गले लगाकर रोने वाले सीओ की गिरफ्तारी का आदेश, वाराणसी कोर्ट ने कहा- गिरफ्तार कर 10 सितंबर को पेश करें
News By-नितिन केसरवानी
2018 के SC/ST एक्ट के मुकदमे में विवेचक के तौर पर होनी है गवाही, बार-बार गैरहाजिरी पर कोर्ट सख्त
वाराणसी /कौशांबी: कौशांबी के क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र प्रसाद तिवारी एक पुराने मुकदमे में अदालत में गवाही के लिए लगातार उपस्थित नहीं हुए तो वाराणसी की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर 2026 को अदालत में पेश किया जाए।
यह मामला वर्ष 2018 के SC/ST एक्ट से जुड़े मुकदमे का है। सत्येंद्र प्रसाद तिवारी इस प्रकरण में तत्कालीन विवेचक (जांच अधिकारी) बताए गए हैं और मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनकी गवाही होनी है।
तीन बार नहीं हो सकी गवाही
जानकारी के मुताबिक अदालत ने सीओ को गवाही के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद वह निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। लगातार अनुपस्थिति के बाद अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है।
अदालत ने अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश भी दिए हैं। अब पुलिस को आदेश का अनुपालन करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश करना होगा।

पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद चर्चा में आए थे सीओ
गौरतलब है कि हाल ही में प्रयागराज-कौशांबी सीमा क्षेत्र में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद सीओ सत्येंद्र तिवारी काफी चर्चा में आए थे। हादसे में कई लोगों की मौत के बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह एक मृतक के परिजन को गले लगाकर भावुक होते नजर आए थे। इसी वजह से गिरफ्तारी आदेश की खबर सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
हालांकि स्पष्ट रहे कि अदालत का यह गिरफ्तारी आदेश पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में नहीं है। यह आदेश पुराने SC/ST एक्ट मुकदमे में गवाही के लिए बार-बार अदालत में उपस्थित न होने से संबंधित है।