उपखंड मझौली के जनसुनवाई में शामिल हुए कलेक्टर 235 आवेदनपत्रों पर हुई सुनवाई* *कुछ आवेदकों में खुशी तो कुछ में दिखी निराशा,भारी भीड़ बनी चुनौती*
*उपखंड मझौली के जनसुनवाई में शामिल हुए कलेक्टर 235 आवेदनपत्रों पर हुई सुनवाई*
*कुछ आवेदकों में खुशी तो कुछ में दिखी निराशा,भारी भीड़ बनी चुनौती*

सीधी/मझौली
जिले में प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित उपखंड मुख्यालयों पर आयोजित होने वाली जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी,परिणाममुखी एवं जन्नोंमुखी बनाने के उद्देश्य से वर्षा ऋतु को दृष्टतगत रखते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज 28 जुलाई को उपखंड कार्यालय मझौली के जनसुनवाई मे शामिल हो 235 लोगों की समस्या को सुन समाधान करने का प्रयास किया गया लेकिन यहां कुछ आवेदकों के चेहरे में खुशी तो कुछ में निराश देखी गई।
कलेक्टर की कार्यशैली पर नजर दौड़ाई जाए तो जिस तरह उनके द्वारा जनसुनवाई में प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से विचार करते हैं एवं आवेदक से संवाद कर उसे संतुष्ट करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी करते हैं और गंभीर मामलों में खुद अपना मोबाइल नंबर पीड़ित लोगों को देकर प्रशासन तंत्र को संदेश देते हैं कि प्रत्येक आवेदन का निराकरण समय सीमा में करना उनका कर्तव्य भी है और अनिवार्य भी है।शायद यही वजह है कि जैसे ही ग्रामीणों को जानकारी हुई कि जनसुनवाई में कलेक्टर आएंगे तो भारी तादाद में आवेदक अपनी-अपनी समस्या लेकर पहुंचे जबकि उनके कई कार्यक्रम निर्धारित थे जिस वजह से सभी आवेदनों पर समाधान देना और सुन पाना बड़ी चुनौती बन गई।यही वजह है कि जिनके आवेदनों पर विचार किया गया और कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया उनके चेहरों में तो खुशी देखी गई लेकिन जो लाइन में ही लग रहे अथवा उनके आवेदनों को पंजीयन कर रख लिया गया। कुछ को बिना उसकी पूरी बात सुने डांट -फटकार लगाते हुए न्यायालय जाने की नसीहत दे डाले। कुछ कलेक्टर के पास नहीं पहुंच सके जिस कारण उनमें निराशा देखी गई जिनका कहना था कि अगर खंड स्तर के अधिकारियों से न्याय मिल जाती तो हमें कलेक्टर के पास क्यों आना पड़ता।जब हम लोग अपना सारा काम छोड़कर कलेक्टर साहब को अपनी समस्या सुनाने के लिए आए तो यहां उनके पास समय ही नहीं है फिर उन्हें किस तरह न्याय मिलेगा और उनकी समस्या का समाधान खंड स्तर के अधिकारी कर पाएंगे इस बात पर उन्हें संदेह लग रहा है। जनसुनवाई के दौरान उपखंड अधिकारी आर पी त्रिपाठी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली सुश्री सुरभि श्रीवास्तव, थाना प्रभारी मझौली उपनिरीक्षक विशाल शर्मा सहित उपखंड के विभागीय अधिकारी कर्मचारी माजूद रहे।
*सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी*
जनसुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया था। जिस भवन में पंजीयन के व्यवस्था की गई थी वह काफी जजर एवं पुराना है जिसमें अधिकारियों- कर्मचारियों के साथ काफी संख्या में लोग बैठे हुए थे। अभी हाल ही में जिले के रामपुर ब्लॉक में जर्जर भवन की दीवाल गिरने से कुछ लोगों की मृत्यु हो गई थी फिर भी इस तरह के भवनों को नजर अंदाज किया जा रहा है।
*उपखंड में कार्यालय एवं स्कूलों का किये भ्रमण*
कलेक्टर सुबह सीधी से चलकर 10 बजे हायर सेकेंडरी विद्यालय ताला पहुंचे जहां निरीक्षण करने के बाद वहां से चलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली का निरीक्षण किया गया इसके बाद जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल होकर वहीं राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके बाद शासकीय मॉडल स्कूल पहुंच जायजा लेते हुए क्लास में बच्चों से किए। वहां से निकलने के बाद मड़वास की ओर रवाना हो गए।
*समस्या ग्रसित कार्यालयों व क्षेत्र को किया गया नजर अन्दाज*
मझौली उपखण्ड भ्रमण के दौरान लोगो को उम्मीद
थी कि समाचार पत्रो में प्रकासित समस्याओं का जायजा जरूर कलेक्टर द्वारा लिया जाएगा लेकिन समस्या ग्रसित क्षेत्र ,कार्यालयो व विद्यालयो का भ्रमण न किया जाना भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों को भ्रम में डाल दिया है कि क्या कारण है कि कलेवर महोदय जिनका नारा था अप्रैल तेरा मई मेरा इतना जल्दी नरम पड़ गए!