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भैंसदेही में अधिवक्ता संघ ने अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा मांगों का ज्ञापन; प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील

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भैंसदेही में अधिवक्ता संघ ने अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा मांगों का ज्ञापन; प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील

 

भैंसदेही/ललित छत्रपाल  मनीष राठौर

 

 

अधिवक्ता संघ भैंसदेही के निवर्तमान अध्यक्ष मारोतीराव बारस्कर एवं सचिव संतोष राठौर के नेतृत्व में आज (05.06.2026) संघ के प्रतिनिधि अनुविभागीय अधिकारी (SDM) भैंसदेही श्री अजीत मेरावी को विस्तृत मांगों वाला ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राजस्व न्यायालय की कार्यप्रणाली, अदालतीन व्यवस्थाओं तथा कृषि संबंधित आपूर्ति से जुड़ी कई आवश्यकताओं को प्राथमिकता पर पूरा करने का अनुरोध किया गया है।

प्रमुख मांगें और बिंदुवार अनुरोध

राजस्व न्यायालय की काज-लिस्ट व्यवस्थित करने का आग्रह: सचिव संतोष राठौर ने कहा कि राजस्व न्यायालय की काज-लिस्ट (प्रकरणों की सूची) न्यायालय कक्ष के बाहर नियमित रूप से चस्पा की जाए ताकि वकीलों और जनता को सुनवाई के दिन, समय तथा अनुक्रम की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

सुनवाई और अगली तिथि का नियमन: कहा गया कि प्रकरणों की सुनवाई कार्य दिवस पर निश्चित की जाएं; यदि प्रकरण पर सुनवाई में निर्णय न हो पाए तो अगली सुनवाई की तय तिथि तुरंत निर्धारित की जाए। जिन प्रकरणों को आदेश हेतू नियत किया जाता है, उनके आदेश के लिए भी तारीख निश्चित की जाए।

फाइलों का त्वरित संचालन: प्रकरण नियत होने पर संबंधित फाइलों की विधिवत आगे की कार्रवाई करायी जाए ताकि सुनवाई में देरी न हो।

न्यायालयीन टिकट और स्टैम्प उपलब्धता: सुनवाई प्रक्रिया निर्बाध रखने हेतु टिकट व स्टैम्प की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रोसेस सर्वेयर को निर्देशित करने की मांग की गई।

खरीफ सीजन में खाद्य अनुदान की उपलब्धता: अधिवक्ता सुनिल चौहान ने SDM से अनुरोध किया कि आगामी खरीफ फसल के लिए किसानों की मांग के अनुरूप उचित मात्रा में यूरिया और डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए, ताकि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।

राजस्व रिकॉर्ड संबंधी मांग: अधिवक्ता व्ही. डी. कोसे ने कहा कि बैतूल भेजे गए राजस्व रिकॉर्ड (स्कैन कराने हेतु) वापस बुलाने और संबंधित आदेश जारी करने की मांग की गई है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

अनुविभागीय अधिकारी श्री अजीत मेरावी ने अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत सभी बिंदुओं पर गौर करने और संभवतः शीघ्रता से आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन मांगों का तत्काल समाधान संभव होगा, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और अन्य मांगों के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए जाएंगे।

संघ की चिंता और सार्वजनिक असंतोष

ज्ञापन सौंपने के बाद अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ सदस्यों ने मौजूदा अनुविभागीय अधिकारी की कार्यशैली पर भी चिंता व्यक्त की। वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र मालवीय, पुरुषोत्तम घानेकर, संजय तिवारी, दिनेश कनाठे, विजय दवण्डे तथा कई कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित थे। अधिवक्ताओं और आम जनता ने कहा कि वर्तमान अनुविभागीय अधिकारी अक्सर कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते और उनके बाहर रहने या प्रशासनिक यात्राओं की सूचना (स्टॉप/नोटिस) सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई जाती। इससे सामान्य जन और वकीलों को आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

आगे की कार्रवाई की संभावना

संघ की ओर से आशा जताई जा रही है कि SDM द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई देखने को मिलेगी।

यदि अपेक्षित सुधार और आवश्यक व्यवस्थाएँ समय पर नहीं की जातीं तो अधिवक्ता संघ द्वारा आगामी दिनों में प्रशासन एवं जिला स्तर पर सुनवाई/प्रदर्शन जैसे कदम उठाने की संभावना जताई जा सकती है (संगठन के निर्णय पर निर्भर)।

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