रूस ने खोला सोने का खजाना: 25 साल बाद बाजार में बिक्री, क्या आर्थिक दबाव में हैं पुतिन?
गोल्ड मार्केट में हलचल: 2 महीनों में 14 टन सोना बेचा, क्या दुनिया भर में कीमतों पर पड़ेगा असर?
रूस ने खोला सोने का खजाना: 25 साल बाद बाजार में बिक्री, क्या आर्थिक दबाव में हैं पुतिन?
गोल्ड मार्केट में हलचल: 2 महीनों में 14 टन सोना बेचा, क्या दुनिया भर में कीमतों पर पड़ेगा असर?
मॉस्को से आ रही बड़ी आर्थिक खबर ने वैश्विक बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व वाला रूस पिछले 25 वर्षों में पहली बार अपने सोने के भंडार को खुले बाजार में उतारता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो महीनों में करीब 14 टन सोना बेचा जा चुका है, जिससे देश का गोल्ड रिजर्व चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रूस की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों की ओर इशारा करता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, तेल-गैस से होने वाली आय में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच रूस अपनी वित्तीय स्थिति को स्थिर रखने के लिए सोने का सहारा ले सकता है।
हालांकि, रूस के पास अभी भी लगभग 2,000 टन सोने का विशाल भंडार मौजूद है, लेकिन अगर इसी तरह बाजार में सोने की आपूर्ति बढ़ती रही, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है, जहां सोना निवेश और परंपरा दोनों का अहम हिस्सा है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, फिलहाल यह स्थिति वैश्विक संकट का संकेत नहीं है, लेकिन अगर बड़े स्तर पर सोने की बिक्री जारी रहती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए “चेतावनी की घंटी” साबित हो सकती है।
अब सभी की नजरें रूस की अगली रणनीति और वैश्विक गोल्ड मार्केट की दिशा पर टिकी हैं।