घरेलू गैस संकट गहराया: सिलेंडर वजन घटाने की तैयारी, कई सेक्टर प्रभावित
ईरान के साथ व्यापार नीति में बदलाव पर उठे सवाल, विदेशी मुद्रा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर की आशंका
घरेलू गैस संकट गहराया: सिलेंडर वजन घटाने की तैयारी, कई सेक्टर प्रभावित
ईरान के साथ व्यापार नीति में बदलाव पर उठे सवाल, विदेशी मुद्रा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर की आशंका
Pawan Khera ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि देश के लगभग 50% घरों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कमी देखी जा रही है। उनका कहना है कि सरकार 14.2 किलो के सिलेंडर का वजन घटाकर 10 किलो करने की तैयारी में है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा हालात के चलते छोटे-बड़े उद्योगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर भी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक नीतियों को इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि देश का हर सेक्टर प्रभावित हो रहा है।
ईरान के साथ व्यापारिक संबंधों का जिक्र करते हुए खेड़ा ने कहा कि भारत पहले Iran से अपनी करेंसी में तेल खरीदता था, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव नहीं पड़ता था। इसे उन्होंने दोनों देशों के मजबूत संबंधों का उदाहरण बताया।
हालांकि, अब खबर है कि Strait of Hormuz के जरिए व्यापार को लेकर ईरान 8 देशों से बातचीत कर रहा है, जिसमें चीन की करेंसी युआन के उपयोग की बात सामने आ रही है। इस संभावित बदलाव में भारत के भी शामिल होने की चर्चा है, जिससे भारत की व्यापारिक रणनीति और विदेशी मुद्रा प्रबंधन पर नए सवाल खड़े हो सकते हैं।