पटवारियों की हड़ताल पर चंद्रप्रकाश राजवाड़े ने जताया समर्थन, बोले- सरकार जल्द पूरी करे चार सूत्रीय मांगें
पटवारियों की हड़ताल पर चंद्रप्रकाश राजवाड़े ने जताया समर्थन, बोले- सरकार जल्द पूरी करे चार सूत्रीय मांगें
धान खरीदी पर मंडरा रहा संकट, गिरदावरी से लेकर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के काम अटके; आम जनता की बढ़ी परेशानी
दैनिक
प्राईम संदेश कोरिया छत्तीसगढ़ स्टेट हेड अजीमुदिन अंसारी
बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ में अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले करीब 20 दिनों से पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पटवारियों की हड़ताल का असर अब आम जनता के साथ-साथ किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। इस बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंद्रप्रकाश राजवाड़े ने पटवारियों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की है।
चंद्रप्रकाश राजवाड़े ने कहा कि पटवारी राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हड़ताल पर रहने से गिरदावरी, किसान पंजीयन सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं आम नागरिकों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्यों के लिए जरूरी प्रमाण पत्र भी समय पर नहीं बन पा रहे हैं। कई आवश्यक कार्य अधर में लटके हुए हैं, जिसका सीधा नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
पटवारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, पीवी ऐप से गिरदावरी की व्यवस्था में बदलाव, पटवारियों के विरुद्ध की गई विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई वापस लेना तथा पदोन्नति का लाभ देना शामिल है। पटवारियों का कहना है कि एक ही समय पर भर्ती होने के बावजूद वेतन में अंतर है। वहीं उनका आरोप है कि पीवी ऐप के माध्यम से गिरदावरी की प्रक्रिया व्यावहारिक नहीं है और इसमें कई तकनीकी एवं जमीनी समस्याएं हैं। इसके अलावा कार्रवाई वापस लेने और लंबे समय से लंबित पदोन्नति का लाभ देने की मांग भी की जा रही है।
धान खरीदी प्रभावित होने की जताई आशंका
राजवाड़े ने कहा कि आगामी 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है। ऐसे समय में पटवारियों की हड़ताल जारी रहना किसानों के लिए चिंता का विषय है। गिरदावरी और संबंधित प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने से किसान पंजीयन एवं धान खरीदी की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं। इसका खामियाजा सीधे किसानों को भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि किसानों का धान खरीदना चाहती है और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना चाहती है तो सबसे पहले पटवारियों की समस्याओं का समाधान करना होगा। किसानों की मेहनत और उनकी उपज का उचित लाभ सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार और पटवारी संघ के बीच निकले समाधान
चंद्रप्रकाश राजवाड़े ने राज्य सरकार से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पटवारी संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत की जाए और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो और राजस्व विभाग का कामकाज सामान्य हो सके। उन्होंने कहा कि यह केवल कर्मचारियों की मांगों का विषय नहीं है, बल्कि इससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के रोजमर्रा के जरूरी काम जुड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार की ओर से शीघ्र पहल किया जाना आवश्यक है।