पंचायती ठेकेदार बन ग्राम विकास की राशि डकार रहे नेता व जनप्रतिनिधि, कमीशन वेश में दे रहे भ्रष्टाचार को अंजाम।
पंचायती ठेकेदार बन ग्राम विकास की राशि डकार रहे नेता व जनप्रतिनिधि, कमीशन वेश में दे रहे भ्रष्टाचार को अंजाम।
मनमानी व निष्क्रियता पूर्ण रवैयाअपना रखे हैं प्रशासन के जिम्मेदार घर बैठ कमीशन व वेतन से फरमा रहे आराम!
सीधी/मझौली
वर्तमान पंचवर्षीय योजना में विगत दो-तीन वर्षों से वैसे तो जिले भर में भ्रष्टाचार का बोल वाला है लेकिन जिस तरह से मझौली में भ्रष्टाचार हुआ मनमानी व्याप्त है शायद ही कहीं हो।
बंता दे कि मझौली जनपद पंचायत में विगत दो-तीन वर्षों से भारी भ्रष्टाचार, के साथ अनियमितता व मनमानी का आलम देखा जा रहा है। जहां जनता की भलाई के बड़े-बड़े वादा कर ग्राम विकास की गाथा रचने की जिम्मेदारी लेने वाले नेता, जनप्रतिनिधि पंचायती ठेकेदार बन ना केवल केवल घटिया निर्माण कार्य करा भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे है बल्कि उसे भोली -भाली गरीब जनता जो आपने भलाई व सुख सुविधा के लिए महादान कर मतदान में अपना मत देकर के अपना प्रतिनिधि व नेता चुनती है। लेकिन वही जनप्रतिनिधि व नेता चुनाव जीत जाने के बाद पंचायती ठेकेदार बन प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों के पीछे घूमने लगते हैं और कमीशन की राशि अदाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दे ग्राम विकास की राशि ठिकाने लगा ली जाती है। इतना ही नहीं हितग्राही मूलक योजनाओं में भी भारी भरकम कमीशन ले पत्रों को दरकिनार करते हुए पत्रों को मुहैया कर दिया जाता है। यह हम नहीं बल्कि गांव की वह भोली भाली जनता कह रही है जिन्हें गांव में काम न मिलने के कारण रोजी-रोटी के लिए बाहर पलायन करना पड़ता है। और बाहर रहने के कारण उन्हें हितग्राही मूलक योजनाओं से वंचित रह जाना पड़ता है। अचंभित कर देने वाला मामला तब होता है जब लोग अपनी फरियाद किसी अभियान या जनकल्याणकारी शिविर में सुनते हैं तो अधिकारियों कर्मचारियों के बचाव में खुद प्रतिनिधि कूद पड़ते हैं और लोगों को डरा धमका कर चुप करने में तुल जाते हैं।
*कार्य स्थल व पंचायत में नहीं मिलते पंचायत कर्मी व जिम्मेदार*
लोगों द्वारा मिल रही शिकायत पर जब मीडिया की टीम कार्य स्थल पर व ग्राम पंचायत में पहुंचती है तो ग्राम पंचायत एवं निर्माणाधीन कार्य स्थल में पंचायत कर्मी सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारी नदारद कभी नहीं मिलते हैं। ग्राम पंचायत भवनों में तो अधिकांशत ताला लटका रहता है।वही कार्य स्थल में उनके स्थान पर पंचायती ठेकेदार बने नेता, प्रतिनिधि एवं सरपंच-पन्च के सगे – सम्बन्धी घटिया कार्य करते मिलते हैं जिसकी सूचना एवं शिकायत पर भी किसी तरह से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ऐसे में लोगों के माने तो भ्रष्टाचार की कमीशन की राशि से बरी जा रही डोरी जिम्मेदारों के कलम बांध रखी है!
*इन ग्राम पंचायत से आ रहा ताजा मामला*
इन दोनों का ताजा मामला मुख्यालय के नजदीकी चर्चित ग्राम-पंचायत,ताला,करमाई,
परसिली ,बोदारी टोला,पोडी, पांड,धनौली,नेबूहा,जोबा,देबई, आदि के साथ दूरस्थ पंचायतो में नेता ,प्रतिनिधियों एवं सरपंच के सगे संबंधियों द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सबसे ज्यादा महिला आरक्षित ग्राम पंचायत में इस तरह का मामला देखा जा रहा है आरक्षित महिला सरपंचों को टूटे-फूटे नेवाल डाल उन्हें अपने बस में कर लिया गया है जहां नेता एवं प्रभावशील लोग ग्राम पंचायतों को अपने कब्जे में ले रखे हैं। वही आरोप है कि सामान्य महिला आरक्षित वाली जनपद पंचायत सहित ग्राम पंचायत में उनके सगे संबंधी पंचायती ठेकेदार बन ग्राम विकास की राशि ठिकाने लगा रहे हैं।